रसूलाबाद। ग्राम पंचायत मौजमपुर के उचित दर विक्रेता के खिलाफ बृहस्पतिवार को राशन वितरण में धांधली और खाद्यान्न की कालाबाजारी के आरोप पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। परेशान ग्रामीणों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। जिस पर विभागीय जांच के बाद डीएम के आदेश पर कार्रवाई की गई है।
पूर्ति निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि मौजमपुर के राशन विक्रेता सुभाष चंद्र के खिलाफ ग्रामीणों ने आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों का आरोप था कि कोटेदार ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवा लेता था, लेकिन राशन नहीं देता था। शिकायत का संज्ञान लेते हुए मौके पर राशन दुकान की भौतिक जांच की गई, जिसमें 92.95 क्विंटल राशन कम पाया गया। बताया कि मौके पर उपलब्ध खाद्यान्न की गणना करने पर 11.199 क्विंटल गेहूं और 33.001 क्विंटल चावल (कुल 44.20 क्विंटल राशन) कम पाया गया।
इसके अलावा आरोपी विक्रेता को पूर्व में ग्राम पंचायत पूरनपुरवा का भी राशन वितरित करना था। उसने मार्च 2025 का अवशेष 8.44 क्विंटल गेहूं, 15.12 क्विंटल चावल और अप्रैल 2025 का अवशेष 5.60 क्विंटल गेहूं, 19.67 क्विंटल चावल नवीन नियुक्त उचित दर विक्रेता भारतीय महिला स्वंय सहायता समूह की पुष्पा देवी को नहीं सौंपा। बताया कि कोटेदार के पास से 25.159 क्विंटल गेहूं और 67.791 क्विंटल चावल के हिसाब से कुल 92.95 क्विंटल सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी की पुष्टि की गई है।
इस मामले में तीन बार जांच की गई। जिसमें पहले पूर्ति निरीक्षक व दूसरी जांच एआरओ व तीसरी बार की जांच एआरओ व तहसीलदार ने संयुक्त रूप की। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपे जाने के बाद उन्होंने आठ सितंबर को आरोपी कोटेदार खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की अनुमति दी।
थाना प्रभारी शिवनारायण सिंह ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। वहीं, डीएसओ अभिषेक कुरील ने बताया कि आईजीआरएस पर की गई शिकायत के आधार पर जांच के बाद संबंधित कोटेदार पर डीएम के निर्देशानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।