प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) और सीएम युवा योजना के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। कल्याणपुर पुलिस ने विनायकपुर के शिवम शुक्ला की तहरीर पर राहुल ओझा, इंडियन बैंक कल्याणपुर के तत्कालीन मैनेजर कुमार पवन, ज्ञानेन्द्र विश्वकर्मा, इंडियन बैंक के एजीएम आनंद गौरव, जीएसटी अधिकारी वंदना मिश्रा और प्रवीण कुशवाहा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
सोमवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के कार्यालय पहुंचे कल्याणपुर के ऑटो चालक शिवम शुक्ला ने शिकायत दी। इसमें उन्होंने बताया कि उनके नाम से फर्जी फर्म (फ्लोर एडं राइस मिल) का रजिस्ट्रेशन कराकर 80 लाख रुपये का ऋण लिया गया और पूरी रकम हड़प ली गई। उन्हें बरगलाकर 10-12 अन्य लोगों के नाम इसी तरह फर्जी फर्में बनाकर करीब 200-250 करोड़ की ठगी की गई है। सीपी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। देर रात कल्याणपुर थाने में तीन बैंक और एक जीएसटी अधिकारी समेत नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकाने की प्राथमिकी दर्ज की गई।
शिवम ने पुलिस कमिश्नर को बताया कि सितंबर 2024 में बतौर सवारी उनकी मुलाकात बिहार के सीवान निवासी खुद को सीए बताने वाले राहुल ओझा से हुई। राहुल ने उन्हें लखनपुर स्थित कार्यालय में नौकरी पर रख लिया। कुछ दिन बाद राहुल ने उन्हें झांसा दिया कि वह आधार कार्ड, मोबाइल और अन्य जरूरी कागजात दे दे तो वह उनका 10 लाख का लोन करा देगा। उन्होंने राहुल को जरूरी कागज थमा दिए। कुछ दिन बाद राहुल ने उनकी मुलाकात कल्याणपुर स्थित इंडियन बैंक के तत्कालीन मैनेजर कुमार पवन से कराई। पवन ने उनसे कहा कि वह अन्य लोगों को लाए तो उसे प्रति फाइल 20 हजार का कमीशन दिया जाएगा।
उन्होंने मैनेजर के झांसे में आकर 10-12 अन्य लोगों के दस्तावेज भी दे दिए। दोनों ने उन्हें बैंक के तत्कालीन एजीएम ज्ञानेंद्र और आनंद गौरव से मिलवाया। कुछ दिन बाद आरोपियों ने उनके नाम की फर्जी फर्म बनाकर 80 लाख का लोन कराया। आरोप है कि जीएसटी अधिकारी वंदना मिश्रा को 5000 रुपये देकर जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करा दिया। शिवम ने बताया कि अब जब फर्म का स्थान दिखाने की बारी आई तो उसकी मृत मां को जीवित दिखाकर उनकी जमीन के कागज लगा दिए।
इसी तरह अन्य लोगों के लोन कराकर करोड़ों की रकम का खेल किया गया है। शिवम का आरोप है कि राहुल व ज्ञानेंद्र के साथ मिलकर प्रवीण कुशवाह, शिवानी कुशवाह, अंकित शुक्ला, रक्षा गुप्ता (पता अज्ञात) ने फर्जी फर्म के नाम फर्जी जीएसटी नंबर से मशीनों की खरीद का कोटेशन तैयार कर उसका पूरा पैसा हड़प लिया। उन्हें न तो कोई मशीन मिली और न ही कोई पैसा। बैंक जाकर पता करने पर धमकी अलग से दी गई। हाल ही में 81 हजार प्रति माह किश्त का नोटिस आया तो उनके होश उड़ गए। पुलिस आयुक्त ने राहुल और ज्ञानेंद्र को कार्यालय बुलाया। शिवम, राहुल और ज्ञानेंद्र को डीसीपी पश्चिम के साथ कल्याणपुर थाने भेजा, जहां देर रात तक मामले की जांच जारी रही। डीसीपी ने बताया कि देर रात सभी नौ आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। अन्य आरोपियों को भी बुलाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह कोई बड़ा गिरोह है, जो भोले-भाले लोगों से उनके दस्तावेज लेकर उनके नाम पर फर्जी फर्में बनाकर बड़ी रकम का घोटाला करते हैं। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है, गिरोह के कुछ और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। - रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर