रेनबो अस्पताल नवाबगंज में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज होने पर शहर के डॉक्टरों ने खुशी जताई है और पुलिस को धन्यवाद दिया है। डॉक्टरों ने कहा है कि इस एक्ट के तहत कार्रवाई होने से नर्सिंग होम, अस्पतालों और डॉक्टरों का उत्पीड़न रुकेगा और डॉक्टर भी बिना भय के इलाज कर पाएंगे।
पूर्व सीएमओ डॉ. वीसी रस्तोगी ने कहा कि सरकार ने जब कानून लागू कर दिया तो इस पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। दुर्भाग्य की बात है कि कानून लागू करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ा। कानून को लागू करने के लिए अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
अब एक्ट लागू होने से खुशी हुई है। डॉ. आरएन चौरसिया ने कहा कि कानून का भय लोगों में होना चाहिए। डॉक्टर मरीज के हित के लिए ही काम करता है। मारपीट और तोड़फोड़ के बढ़ते मामलों के बीच कानपुर में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई कराने पर अफसर बधाई के पात्र हैं।
मधुराज अस्पताल की डॉ. मधु लुंबा ने कहा कि मरीज और तीमारदारों को भी संयम बरतना चाहिए। कोई डॉक्टर नहीं चाहता की उसके मरीज का अहित हो। यदि उन्हें लगता है कि उनके साथ गलत हुआ है तो शिकायत के लिए कई व्यवस्थाएं हैं।
मुकदमा दर्ज होना स्वागत योग्य है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की कानपुर शाखा के सचिव डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस और प्रशासन बधाई का पात्र है। लोगों को समझना चाहिए कि तोड़फोड़ और मारपीट किसी आरोप का निदान नहीं है।
नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. निखिल गुप्ता ने कहा कि डॉक्टरों से दुर्व्यवहार, अस्पतालों में तोड़फोड़ गैर सामाजिक तत्व और छुटभैया नेता ही करते हैं। मरीज और तीमारदार तो खुद इलाज में लगे रहते हैं। अब कानून लागू होने की वजह से डॉक्टरों को भी सुरक्षा मिलेगी।