राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मातृ शिशु स्वास्थ्य सुधार व बाल
कुपोषण संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक की। इस दौरान पोषण
कार्यक्रमों मे एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी, ग्राम प्रधान को बाल कुपोषण को लेकर
दिशा-निदेश दिए गए।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिलाधिकारी मासूम
अली सरवर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत मातृ शिशु स्वास्थ्य
सुधार व बाल कुपोषण संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा
बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी, ग्राम
प्रधान को निर्देश देते हुए कहा स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस से संबंधित
महत्वपूर्ण सूचकांकों पर सीएमओ, जिला कार्यक्रम आदि विभागों का आपसी तालमेल
बना रहे।
मासिक समीक्षा बैठक कर मातृ एवं बाल स्वास्थ्य संरक्षण अभियान
चलाने की कार्ययोजना बनाएं। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा। सभी अपनी
दो-दो ग्राम सभाओं का चयन कर उनके कुपोषित बच्चों का चयन करें। जिससे उनके
कुपोषण को दूर करने की कार्रवाई को सके।
इस दौरान जिलाधिकारी ने जनपद
स्तरीय अधिकारियों को दो-दो ग्राम सभाओं को गोद लेकर कुपोषण दूर करने के
निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से एएनएम व आशाएं
संपर्क करें और 2 वर्ष तक के नवजात बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकत्री व मिनी
कार्यकत्री के माध्यम से लाभांवित कराया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्राम
स्वास्थ्य पोषण दिवस के दौरान मातृत्व स्वास्थ्य पोषण पर परामर्श, प्रसव
पूर्व जांच, टी.टी. का टीका, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन एवं पेशाब की जांच कर
तथा वजन की तौल अनिवार्य रूप से करें।
कुपोषण दूर करने के लिए सभी
गांव-गांव अभियान चलाकर आयरन फोलिक एसिड की गोलियां व जननी सुरक्षा योजना
के अंतर्गत संस्थागत प्रसव एवं धनराशि का वितरण कराएं।
समीक्षा बैठक के
दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आशुतोष कुमार, एडीएम प्रशासन
शिवशंकर गुप्ता, उपजिलाधिकारी सदर हरिहर राम, समाज कल्याण अधिकारी महिमा
मिश्रा, महाप्रबंधक उद्योग, जिला पूर्ति अधिकारी आरआर शुक्ला, डीपीआरओ
शशिकांत पांडेय, उपकृषि निदेशक रमाकांत तिवारी, जिला कृषि अधिकारी
रामसजीवन, मनोरंजन अधिकारी एके विशभनोई, परियोजना निदेशक, जिला विकलांग
कल्याण अधिकारी शिव सिंह आदि मौजूद थे।