चौबेपुर (बिल्हौर)। रक्षाबंधन त्योहार को लेकर कस्बे की बाजार में राखियों की दुकानें सज गई हैं। इस बार लोगों में पहले जैसा उत्साह नजर नहीं आ रहा है। दुकानदारों ने भी स्थिति को भांपते हुए महंगी राखियों का संग्रह नहीं किया है।
भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक त्योहार पर भी कोरोना संक्रमण का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बिठूर रोड तिराहे से लेकर बंदी माता तिराहा व बेला मार्ग पर जगह-जगह राखी की दुकानें सजी हैं। सोमवार को मनाए जा रहे इस त्योहार में कुछ ही समय शेष है, बावजूद इसके राखी की दुकानों पर भीड़-भाड़ नजर नहीं आ रही। लोगों में कोरोना संक्रमण का असर इतना है कि दुकानों पर चहल-पहल दिखने के बजाय खरीदारों का टोटा है। कस्बे में राखी की दुकान लगाए अभिषेक शर्मा, प्रिंशू, राम जी चौरसिया, सोनू, सलोनी, शिबू गुप्ता, गुड्डू व रामू कश्यप ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर बिक्री अच्छी न होने का अंदेशा पहले से ही था। इसलिए ज्यादा महंगा माल नहीं मंगाया। पूर्व वर्षों में राखी की खरीददारी के लिए दिल्ली और राजस्थान के अलवर तक जाते थे। इस बार बीमारी का प्रकोप व लॉकडाउन को देखते हुए ज्यादातर दुकानदारों ने कानपुर से खरीददारी की।
बताया कि आर्थिक संकट से गुजर रहे लोगों की समस्या को ध्यान में रखकर ज्यादा महंगी राखियों का संग्रह नहीं किया है। रेशमी धागों को वरीयता देने के साथ 10 से लेकर 50 रुपये तक की राखियां दुकानों पर बिक्री हेतु रखी हैं। कहा कि कोरोना वायरस के चलते शनिवार और रविवार को आवश्यक वस्तुओं के अलावा अन्य बाजार बंद रखने के निर्देश हैं। सोमवार को ही राखी का पर्व है, ऐसे में अपेक्षा अनुरूप बिक्री न होने से दुकानदारों में मायूसी है।