रामलीला कमेटी चंद्रिका देवी रोड में लीला का मंचन करते कलाकार।
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कानपुर। श्री रामलीला कमेटी चंद्रिका देवी रोड में शुक्रवार को 77वें रामलीला महोत्सव का शुभारंभ गणेश पूजन और हवन के साथ हुआ। पहले दिन नारद मोह, रावण जन्म और श्रीराम के अवतार लेने की लीला का मंचन किया गया। लीला में दिखाया गया कि राम समेत चारों भाइयों के जन्म पर अयोध्या में उत्सव मनाया गया, चारों ओर बधाई गूंज उठी।
लीला में दिखाया गया कि नारद जी अहंकार में भगवान शिव और विष्णु को अपनी विजय की बात बताते हैं। इस पर भगवान विष्णु उनकी परीक्षा के लिए विश्व मोहिनी का स्वयंवर रचते हैं। माया के वश में होकर नारद जी भगवान विष्णु से सुंदर रूप मांगते हैं पर वह उन्हें बंदर का रूप दे देते हैं।
जब वह अपना रूप देखते हैं तो बड़ा क्रोधित होते पर पर बाद में उन्हें भगवान की माया का अहसास होता है। इसके बाद रावण और कुंभकरण के जन्म की लीला का मंचन हुआ। अंत में भगवान श्रीराम के अवतार प्रसंग को प्रस्तुत किया गया। इसमें दिखाया गया कि दशरथ के यज्ञ करने के बाद अग्निदेव की ओर से पुत्र प्राप्ति के लिए उन्हें खीर दी जाती है।
इसके सेवन से कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म देती हैं। इस दौरान अध्यक्ष सुनीत त्रिपाठी, प्रधानमंत्री आकर्ष वाजपेयी, उपाध्यक्ष विजय त्रिवेदी, विकास वाजपेयी, सुरेश गुप्ता, मुन्ना, दिनेश शुक्ला, रामजी गुप्ता, अंकित निगम, छोटेलाल बाबा, अशोक बाबा आदि मौजूद रहे।