डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) लखनऊ से संबद्ध यूपी के सरकारी और गैर सरकारी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कॉलेजों के पांच लाख स्टूडेंटों पर फीस का बोझ बढ़ गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शैक्षिक सत्र 2016-17 से ही स्नातक और परास्नातक कक्षा के कई मदों की फीस बढ़ा दी। यह शुल्क स्टूडेंटों को सीधे यूनिवर्सिटी के बैंक अकाउंट में जमा करना है।
टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने बीच शैक्षिक सत्र में फीस बढ़ा दी है। इसका सर्कुलर बृहस्पतिवार को कॉलेज लॉगिन पर भेज दिया गया है। कॉलेजोें से कहा गया है कि दिसंबर में सेमेस्टर परीक्षाएं होंगी। इससे पहले ही फीस जमा कराई जाएगी। इस पर स्टूडेंटों और कॉलेज संचालकों ने नाराजगी जताई है। साथ ही कहा है कि फीस पहले जमा की जा चुकी है। अब अतिरिक्त फीस जमा कराने का दबाव है। इसका विरोध किया जाएगा। बीटेक फर्स्ट ईयर, सेकेेंड ईयर, थर्ड ईयर और फोर्थ ईयर के स्टूडेंटों की फीस एक साथ बढ़ाना भी गलत है। एमटेक, एमफार्मा, एम. आर्क के फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर के स्टूडेंटों से भी बढ़ी फीस मांगी जा रही है। नियमानुसार, शैक्षिक सत्र 2016-17 मेें एडमिशन लेने वाले स्टूडेंटों से ही बढ़ी फीस वसूली जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
अब चुकानी हाेगी इतनी फीस
कोर्स पहले अब (फीस रुपये में)
एमटेक 6, 500 10,000
एमफार्मा 6, 500 10,000
एम. आर्क 6, 500 10,000
बीटेक 5, 900 6,500
बी.आर्क 5, 900 6,500
बी. फार्मा 5, 900 6,500
फैशन डिजाइनिंग 5, 900 6,500
होटल मैनेजमेंट 5, 900 6,500
एमबीए 5, 900 6,500
एमसीए 5, 900 6,500
बैक पेपर 750 1,000
शुल्क के प्रकार
- परीक्षा, विकास, छात्र कल्याण निधि, पीडीसी, डिग्री, माइग्रेशन, इनरोलमेंट और ट्रांसक्रिप्ट शुल्क।