यूपी के उरई(जालौन) जिले में बेटे के गम में पिता ने खुद के सीने में तमंचे से गोली मार ली। परिजन उसे लेकर पहले नजदीक के अस्पताल फिर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया है। थाना प्रभारी महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि करीब साल भर पहले अधेड़ के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद से ही उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी।
चुखी क्षेत्र के नादई निवासी किसान अरविंद सिंह (47) ने शनिवार की सुबह अपने ही घर में खुद को गोली मार ली। आवाज सुनकर परिजन अरविंद के कमरे की ओर दौड़े तो देखा कि वह खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे। आनन-फानन में उन्हें पहले पास के अस्पताल और फिर जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि साल भर पहले अरविंद के जवान बेटे लोकेंद्र (21) ने फांसी लगाकर जान दे थी। वह उरई में किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रहा था। इसके बाद से ही अरविंद मानसिक रोगी हो गया। घरवालों के मुताबिक, बेटे की मौत के बाद से ही अरविंद काफी दुखी रहता था। थाना प्रभारी का कहना है कि अरविंद के होश आने पर पूरा मामला पता लगेगा और तमंचा कहां से आया और इस वक्त कहां है, इस बारे में भी घरवालों से पूछताछ की जाएगी।