अखिरी बार 18 अगस्त को देखा गया था
गुरुवार रात मृतक का बड़ा भाई प्रदीप, भतीजा शुभम व भाभी बाला उन्नाव पहुंचे और शव की पहचान की। मृतक के बड़े भाई प्रदीप ने बताया कि सर्वांग उर्फ प्रमोद अविवाहित था। वह गांव के बाहर बने काली मंदिर में ही रहता था। तंत्र-मंत्र करता था। अक्सर हफ्तों के लिए कहीं भी चला जाता था। अखिरी बार उसे 18 अगस्त को देखा गया था।
न तलाश की और न गुमशुदगी दर्ज कराई
आशंका हुई कोई तंत्र-मंत्र कराने के लिए लेकर गया होगा। इसलिए न तलाश की और न गुमशुदगी दर्ज कराई। वह सट्टे का भी काम करता था। इसकी जानकारी घर वालों को नहीं थी। मृतक के बड़े भाई ने हत्यारोपी संतोष और शेरू के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया
कोतवाल ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के बड़े भाई प्रमोद की तहरीर पर दोनों हत्यारोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोतवाल ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों के पहचान करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
प्रमोद के साथ मिलकर करता था सट्टे का काम
हत्यारोपी संतोष ने बताया कि उसका पूरा परिवार दिल्ली में रहता है। बेटा विशाल भी वहीं रहता था। करीब डेढ़ साल पहले विशाल की मुलाकात वहीं अर्जुन नाम के युवक से हुई। वह लंढोरी निवासी अघोरी सर्वांग उर्फ प्रमोद के साथ मिलकर सट्टे का काम करता था। अर्जुन ने विशाल को भी अघोरी से मिलवाया।
पैसा न देने पर मार डालने की धमकी
उसने कहा कि बाबा जो नंबर बताते हैं, वही सही होता है। पैसे के लालच में हत्यारोपी के बेटे ने भी पैसे लगाने शुरू किए और वह हारने लगा। इसके बाद में जब अघोरी का उस पर 6,500 रुपये उधारी हो गया, तो उसने मांगना शुरू किया। न देने पर मार डालने की धमकी दी। धमकी से परेशान विशाल ने पिता संतोष घटना की जानकारी दी।
बेटे ने कर ली थी आत्महत्या
वह रुपये लेकर अघोरी के पास पहुंचा और रुपये अदा किए और बेटे को लेकर घर आ गया। उसके बाद बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। बेटे का शव देखने के बाद संतोष ने अघोरी की हत्या करने का प्लान बनाया, ताकि कोई दूसरा युवा सट्टे के व्यापार में पड़कर अपनी जान न गवाएं। इसमें अपने साथी को भी शामिल किया।
गला दबाकर मारा, फिर तेजाब से जलाया था शव
बता दें कि न्यूकटरा मोहल्ले में अधेड़ की हत्या कर शव घर में छिपाकर जलाने की घटना हुई थी। मृतक हरिद्वार के थाना मंगलौर के कस्बा लंढोरी का रहने वाला था। वह अघोरी था। हत्यारोपियों ने पांच दिन पहले उसे हरिद्वार से घर लाकर शराब पिलाई थी और गला दबाकर हत्या कर दी थी। किसी को पता न चले इसके लिए तेजाब डालकर शव जला रहे थे।