बच्चों और सास के साथ दरवाजे के बाहर बैठी राजेंद्र की पत्नी सीमा।
कानपुर के घाटमपुर पतारा में शुक्रवार की दोपहर कस्बा पतारा में कच्ची दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर पिता-पुत्र की मौत हो गई थी। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों का एक ही घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इधर, एक ही परिवार में हुई दो मौतों से उनके घर में कोहराम मचा हुआ है।
घाटमपुर कसबा निवासी राजेंद्र संखवार (32) अपने बेटे विशाल (8) और पड़ोस की वृद्धा सोमवती (60) के साथ कड़ाके की ठंड में आग जलाकर अलाव की आग सेंक रहा था। तभी अचानक पड़ोसी मुन्ना सोनकर की कच्चे ईंटों की बनी दीवार भरभराकर ढह गई। मलबे में अलाव ताप रहे लोग दब गए थे। शनिवार को पिता-पुत्र के शवों का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजनों ने उनको एक ही घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार किया।
इधर, पुत्र और पति की मौत के बाद राजेंद्र की पत्नी सीमा का हाल-बेहाल है। घटना के बाद से वह गुमशुम सी है। अपने छोटे बेटे सुधाकर उर्फ रिशाल (6) के साथ ही दोनों बेटयों गौरी (4) और रूबी (डेढ़ वर्ष) को सीने से चिपकाए दरवाजे के बाहर बैठी थी। पास में ही उसकी वृद्ध सास राजरानी अपने आंसू थामे बहू को सांत्वना प्रदान कर रही थी। जबकि, मोहल्ले और रिश्तेदारी की कुछ महिलाएं भी उसके आसपास बैठकर सीमा और उसकी सास को तसल्ली दे रही थीं। सीमा बार-बार एक ही बात कह रही थी कि पति की मौत के बाद वह इन मासूमों की परवरिश कैसे कर पाएगी। पतारा की ब्लाक प्रमुख मीना संखवार ने बताया कि राजेंद्र मजदूरी करके परिवार का पेट पालता था। कहा कि वह पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देंगी।