फतेहपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ में संरक्षित पशुओं की हत्या करने वाले दो शातिरों के पैर में गोली लगी। जिससे दोनों घायल हो गए। जबकि एक मौके से भाग निकला। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों के खिलाफ पुलिस मुठभेड़, गोकसी, आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बिंदकी कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव और स्वाट टीम प्रभारी विनोद मिश्रा की संयुक्त टीम शनिवार रात आलमगंज और प्रतापपुर गांव के जंगल में संरक्षित पशु की हत्या की फिराक में शातिरों के होने की सूचना पर पहुंची। पुलिस टीम को देखकर शातिरों ने फायरिंग की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में हथगाम थाने के पट्टीशाह निवासी अंसार और शाकिब उर्फ चींटा के पैर में गोली लगी।
दोनों घायल हो गए। जबकि तीसरा साथी भाग निकला। सूचना पर सीओ परशुराम त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। घायल शातिरों को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तीसरे की तलाश की गई। उसका कोई सुराग नहीं लगा। आरोपियों के पास से दो तमंचे, एक बाइक, एक गोवंश, धारदार हथियार बरामद हुए। सीओ ने बताया कि अंसार के खिलाफ आठ और शाकिब उर्फ चींटा के खिलाफ चार मामले हथगाम थाना में संरक्षित पशुओं की हत्या के दर्ज हैं। मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।