करीब डेढ़ माह पहले सेमरी गांव के सूरजभान की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नसीरपुर निवासी रामनारायण निषाद का सुराग मिला। वारदात के बाद सूरजभान ने पता कौशाम्बी जिले के महेवाघाट का बताया था। वहीं रामनारायण ने खखरेरू के बजाय अपना थाना किशनपुर दर्शाया था। इसी गलत पते के कारण दोनों लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचते रहे।
सीबीआई ने तीन माह पहले गिरोह के एक गुर्गे को चित्रकूट के राजापुर से पकड़ा था। उसकी निशानदेही पर पहले सूरजभान और फिर शनिवार को रामनारायण गिरफ्तार हुआ। प्रभारी थानाध्यक्ष श्याम सुंदर गिरी ने बताया कि हत्या, लूट और चोरी के मामले में वांछित रामनारायण को दिल्ली सीबीआई के निरीक्षक योगेश कुमार ने गिरफ्तार किया है। लखनऊ सीबीआई कोर्ट में आरोपी को पेश किया गया है।
यमुना कटरी के डकैत गिरोह का सदस्य था रामनारायण
सीबीआई के हत्थे चढ़े नसीरपुर के रामनारायण और सेमरी के सूरजभान को यमुना कटरी के चर्चित उमर केवट डकैत गिरोह का सदस्य बताया जाता है। सूरजभान का बड़ा भाई पूनी हिस्ट्रीशीटर है। चाचा पुरुषोत्तम की करीब 15 वर्ष पहले उमर गिरोह के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ में कौशाम्बी के महेवाघाट में मौत हो गई थी। गढ़वा किले की इस डकैती में रामनारायण निषाद और सूरजभान के अलावा क्षेत्र के तीन अन्य लोग भी शामिल थे। मामले में विजय शुक्ला, छोटे पासी, मोहम्मद सलीम, प्रेम, जमुना प्रसाद, भगत, छोटेलाल पुत्र कन्हैया, छोटेलाल पुत्र रामधनी, शंकर और धनराज उर्फ रामप्रकाश समेत करीब 10 आरोपी नामजद थे।
सीबीआई की टीम ने थाने में जानकारी दी थी। टीम के साथ स्थानीय पुलिस को भेजा गया था। आरोपी को जानकारी होने पर वह भाग निकला लेकिन उसे गांव से ही पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया है। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी फतेहपुर