भोर पहर हुआ हादसा, गांव में शोक की लहर
बकेवर थाना क्षेत्र के कंसाहीपुर निवासी राकेश सोनकर की पत्नी सुमित्रा देवी (45) शुक्रवार शाम को अपने पुत्र सत्येंद्र (18) के साथ हुसैनगंज थाना क्षेत्र के नौगांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सत्येंद्र अपनी मां और 4 वर्षीय भतीजे शिवा को बाइक पर बैठाकर वापस अपने गांव लौट रहा था। जैसे ही उनकी बाइक बहबलपुर के निकट आजाद नगर पहुंची, अचानक बाइक अनियंत्रित होकर फुटपाथ के किनारे फिसल गई।
बेटे के सामने ही हुई मां की मौत
चश्मदीदों के मुताबिक, बाइक फिसलते ही सुमित्रा देवी सड़क की ओर गिरीं, जबकि सत्येंद्र और मासूम शिवा बाईं ओर फुटपाथ पर जा गिरे। उसी समय पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रेलर का पहिया सुमित्रा देवी के ऊपर से गुजर गया। हादसे में सुमित्रा देवी का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अपनी मां को अपनी आंखों के सामने दम तोड़ता देख 18 वर्षीय सत्येंद्र बदहवास हो गया। मासूम शिवा को सिर में मामूली चोटें आई हैं, जिसे उपचार के लिए भेजा गया है।
पुलिस ने ट्रेलर को लिया कब्जे में
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची हुसैनगंज थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने घेराबंदी कर दुर्घटना करने वाले ट्रेलर को भी कब्जे में ले लिया है, हालांकि चालक की स्थिति के बारे में जांच जारी है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
महिला की मौत की खबर जैसे ही कंसाहीपुर गांव पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों का कहना है कि सुमित्रा देवी बेहद सरल स्वभाव की थीं और बेटे के साथ खुशी-खुशी शादी में शामिल होने गई थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह कभी जीवित वापस नहीं लौटेंगी।