फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehpur: गोशालाओं की बदहाली पर आचार्यों का धार्मिक विरोध, 108 हनुमान चालीसा पाठ कर किया बुद्धि शुद्धि हवन

Sun, 21 Dec 2025 09:01 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

Fatehpur News: फतेहपुर में गोशालाओं की अव्यवस्था और गौवंशों की मौत से नाराज आचार्यों ने विकास भवन में 108 हनुमान चालीसा का पाठ और बुद्धि-शुद्धि हवन कर प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ आक्रोश जताया।
विज्ञापन
गोशालाओं की बदहाली पर आचार्यों का अनूठा विरोध - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फतेहपुर जिले में गोशालाओं की बदहाल व्यवस्था और गोवंशों के साथ हो रहे कथित अमानवीय व्यवहार के विरोध में जनपद के आचार्यों ने शनिवार को अनोखे ढंग से अपना आक्रोश जताया। विकास भवन परिसर स्थित हनुमान मंदिर में जिलेभर के आचार्य एकजुट हुए और 108 हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए बुद्धि शुद्धि हवन का आयोजन किया। आचार्यों ने इसे प्रशासन की चेतना जगाने का प्रयास बताया।

विज्ञापन

आचार्यों का कहना है कि गोशालाओं की अव्यवस्थाओं को लेकर वे लंबे समय से शिकायतें कर रहे हैं। जीपीएस कैमरे से फोटो और वीडियो बनाकर जिम्मेदार अधिकारियों को सौंपे गए, लेकिन न तो दोषियों पर कार्रवाई हुई और न ही हालात में कोई सुधार आया। उनका आरोप है कि जनपद में शायद ही कोई ऐसी गोशाला हो, जिसे पूरी तरह व्यवस्थित कहा जा सके।

शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
आचार्यों ने मंसूरपुर गौशाला का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां गोशाला के भीतर कुत्ते गोवंशों को नोचते पाए गए थे। शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह रामपुर थरियांव गोशाला में कई गोवंश मृत अवस्था में मिले थे, जबकि मौके पर पशु चिकित्सक भी मौजूद नहीं थे। आचार्य प्रेम सागर मिश्रा ने बताया कि मवई धाम गौशाला के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।
विज्ञापन

http://

चेतावनी- आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा

यही नहीं, शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। इसी उपेक्षा के विरोध में आचार्यों ने हनुमान जी से प्रार्थना की कि जिम्मेदार अधिकारियों की बुद्धि जागृत हो और गौशालाओं में व्याप्त लापरवाही के लिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। आचार्यों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें