अंतिम विदाई देने उमड़ा जन सैलाब
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जब तक सूरज चांद रहेगा शुभम तेरा नाम रहेगा के नारों के बीच पैरा कमांडो की शव यात्रा पैतृक गांव मौहार से शहीद स्थल गोविंदपुर हाईवे मोड़ के लिए निकली। हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ शामिल हुई। मौहार गांव में मातम का माहौल छा गया। मां, बहन, पत्नी शव यात्रा को रोककर खड़े हो गए और विलाप करने लगे। कमांडों की पैदल यात्रा गांव से शहीद स्थल तक पहुंची। इस दौरान हर आंख नम दिखाई पड़ी।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के मौहार गांव निवासी पैराकमांडो शुभम सिंह (22) तैनाती स्थल आगरा रेजीमेंट से चार अक्तूबर को उत्तरकाशी प्रशिक्षण पर गए थे। जहां हजारों फिट ऊंचाई पर ट्रेनिंग के दौरान हिमस्खलन में लापता हो गए थे। रेस्क्यू टीम रविवार सुबह शुभम का शव खोज सकी थी। देहरादून में शव रखा था।
मौसम खराबी की वजह से सड़क मार्ग के रास्ते मंगलवार सुबह छह बजे जवान वाहन में चौडगरा पार्थिव शरीर को लेकर पहुंचे। चौडगरा से पैदल करीब दो किलोमीटर दूर शव मौहार पहुंचाया गया। पहले गांव किनारे बिहारी बाबा के आश्रम पर शव रोका गया। उसके बाद कंधे पर जवान शव लेकर शुभम के घर पहुंचे।
करीब 45 मिनट घर में शव रोका गया। पूरा गांव खचाखच लोगों से भर गया। आसपास के छतों पर लोग खड़े होकर विलाप करते नजर आए। उसके बाद सैनिक वाहन से अंत्येष्टि स्थल शव लेकर जाया गया। अंत्येष्टि स्थल पर केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योती, डीएम श्रुति, एसपी राजेश कुमार सिंह, विधायक जयकुमार जैकी समेत तमाम समाजसेवी और लोगों की भीड़ लग गई।