बचपन में जिस बहन की उंगली थामकर उसे चलना सिखाया था, आज उसी हाथों ने उस बहन की सांसें छीन लीं। फतेहपुर के थरियांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। एक भाई ने अपनी ही बहन की जिद से नाराज होकर उसे हमेशा-हमेशा के लिए दुनिया से दूर कर दिया।
शनिवार की रात जब पुलिस की हवालात में वह अकेला था, तब उसे अपने किए का अहसास हुआ और वह फूट-फूटकर रोने लगा। रक्षक से भक्षक बना यह भाई अब सलाखों के पीछे पश्चाताप की उस अग्नि में जल रहा है, जिसे बुझाना अब नामुमकिन है। आइए जानते हैं पूरी कहानी…
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हवालात से सिसकियों की आने लगी आवाज
शनिवार रात के करीब 11 बजे थे। थरियांव थाने में पुलिसकर्मी अपने काम में व्यस्त थे। तभी हवालात से सिसकियों की आवाज आने लगी। कुछ देर बाद संतरी पहुंचा और उसने पूछा क्या हो गया क्यों सिसक रहे हो। इतना सुनते ही बहन की हत्या का आरोपी भाई संदीप सिंह यादव दबी आवाज में बोला, मुझसे गलती हो गई।
हमेशा-हमेशा के लिए खुद से दूर कर दिया
मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। वो मेरी बहन थी अगर उसे ठीक से समझाता, तो वह मान जाती और आज हम सबके साथ होती। पता नहीं मुझे कैसे इतना गुस्सा आ गया कि बचपन में जिसे अंगुली पकड़कर चलना सिखाया उसकी जिद के लिए घरवालों से लड़ा। इसके बाद भी उसे मैंने हमेशा-हमेशा के लिए खुद से दूर कर दिया।
पूछताछ के बाद जेल भेज दिया
इसी पश्चाताप की अग्नि में संदीप सुबह तक जलता रहा। पूछताछ के बाद रविवार सुबह उसे जेल भेज दिया गया। थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा कस्बा निवासी शिव सिंह यादव उर्फ कल्लू की पुत्री मंजू उर्फ रंजू (19) की शादी एक मई को राधानगर थाना क्षेत्र के सोनही बड़नपुर निवासी पिंटू उर्फ अजय से हुई थी।
शव को कुएं में फेंक दिया था
शादी के बाद वह पहली बार चौथी पर मायके आई थी। 13 मई की रात वह गांव के रहने वाले विशेष समुदाय के युवक के साथ चली गई थी। तीन दिन बाद 16 मई को परिजन ने उसे ससुराल भेज दिया था। बताया गया कि प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी बहन को 12 जून की रात भाई संदीप सिंह ससुराल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया था।
मानसिक रूप से था परेशान
शनिवार को वह हसवा पुलिस चौकी में पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती की मौत गला दबाकर किए जाने की पुष्टि हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बहन की वजह से परिवार को बदनामी झेलनी पड़ रही थी और लोग उन पर ताने कसते थे। इससे वह मानसिक रूप से परेशान था।
बहन का युवक से संपर्क बना रहा
उसने यह भी बताया कि शादी के बाद भी बहन का युवक से संपर्क बना रहा। इससे परिवार और ससुराल पक्ष में विवाद हो गया था और बहनोई तलाक देने की बात कहने लगा था। प्रभारी निरीक्षक एसबी सिंह ने बताया कि रविवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
फिर भी नहीं बचा रिश्ते का बंधन
रंजू और उसके भाई संदीप के बीच कभी गहरा स्नेह रहा था। परिजन और ग्रामीणों के अनुसार संदीप ही बहन की पढ़ाई-लिखाई से लेकर उसकी शादी तक की जिम्मेदारी निभाता था। बहन की हर जरूरत का वह पूरा ध्यान रखता था। घटना के बाद जब पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो रंजू के हाथ पर संदीप की बहन रंजू लिखा मिला।
प्रेम और लगाव की अक्सर होती थी चर्चा
यह देखकर मौके पर मौजूद लोग भावुक हो गए। लोगों का कहना है कि जिस भाई पर बहन को इतना भरोसा और अपनापन था उसी के हाथों उसकी जान चली गई। यह बात किसी के लिए भी स्वीकार करना कठिन है। कस्बे के लोगों के अनुसार दोनों के बीच प्रेम और लगाव की चर्चा अक्सर होती रहती थी।
कुएं के चबूतरे पर मिलीं टूटी चूड़ियां
हसवा कस्बे में रंजू की हत्या के मामले में घटनास्थल से मिले साक्ष्य संघर्ष की कहानी बयां कर रहे हैं। पुलिस जांच के दौरान जिस कुएं के पास युवती का शव मिला उसके चबूतरे पर टूटी हुई चूड़ियां बिखरी मिलीं। आशंका जताई जा रही है कि हमले के दौरान युवती ने खुद को बचाने का प्रयास किया होगा। इससे चूड़ियां टूट गईं।
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
फॉरेंसिक टीम ने टूटी चूड़ियों समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि ये टूटी चूड़ियां वारदात से पहले हुए संघर्ष की ओर इशारा करती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।