वर्चस्व की जंग में हुई थी तीन लोगों की हत्या
उल्लेखनीय है कि हथगाम थाना क्षेत्र के अखरी गांव में 8 अप्रैल 2025 को वर्चस्व की रंजिश के चलते भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के किसान नेता विनोद सिंह (45), उनके भाई अनूप सिंह (40) और भतीजे अभय प्रताप सिंह (21) की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस दिल दहला देने वाले सामूहिक हत्याकांड में मृतक अनूप सिंह की पत्नी मनीषा सिंह वादी हैं।
मामले में गांव का पूर्व प्रधान सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह, उसका बेटा पीयूष सिंह, भूपेंद्र, सज्जन, विवेक और जॉन उर्फ विपुल मुख्य आरोपी हैं। सभी आरोपी कौशाम्बी जेल में बंद हैं और उन पर हत्या, बलवा सहित गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है।
दोनों मुकदमों में अब अलग-अलग तिथियों पर होगी सुनवाई
शुक्रवार सुबह 11 बजे मनीषा सिंह गवाही के लिए कोर्ट में पेश हुईं। लंच ब्रेक के बाद दोपहर 3:30 बजे तक जिरह का सिलसिला चलता रहा। लंबी बहस के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तिथि तय की है। वहीं, गैंगस्टर कोर्ट में तत्कालीन हथगाम थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) दुर्गेश प्रसाद गुप्ता की गवाही दर्ज की गई, जहाँ अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।