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Fatehpur: चकमा देकर भागा बंदी गिरफ्तार, चार पुलिस कर्मियों पर मुकदमा, निलंबित

Tue, 20 Dec 2022 08:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
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रामबाबू वैश्य - फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर जिले में पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भागे बंदी को पुलिस ने कौशांबी में मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। लापरवाही बरतने वाले चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी ने चारों को निलंबित कर दिया है। आरोपी धोखाधड़ी के मामले में जेल में निरुद्घ चल रहा था। कौशांबी जिले के सैनी थाना क्षेत्र के घुमाई गांव का रामबाबू वैश्य 15 अक्तूबर को दूसरे के बैंक खाते से रुपये निकालते एसबीआई बैंक से पकड़ा गया था।

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उसके पास से 30 बैंक पासबुक बरामद हुई थीं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने जेल भेजा था। सोमवार को जेल से 129 बंदी कोर्ट में पेशी पर लाए गए थे। पेशी के बाद सारे बंदियों को लॉकअप में रखा गया था। बंदियों को जेल भेजा जा रहा था। तभी पुलिस कर्मियों को चकमा देकर रामबाबू सोमवार शाम भाग निकला था।

लॉकअप प्रभारी रमेश कुमार ने एफआईआर में बताया कि पहले राउंड में 50 बंदी जेल भेजे जा चुके थे। इसके बाद मेन गेट पहरा में तैनात सिपाही गणेश पांडेय, उत्तरी गेट पहरा पर तैनात बंदी कमलेश्वर मिश्रा, दक्षिणी गेट पर तैनात सिपाही भूपेंद्र प्रताप सिंह, शौचालय गेट पर तैनात बंदी सुभाष चंद्रा से गिनती कराई गई। बाकी बंदियों में एक की गिनती कम पाई गई।

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रजिस्टर से मिलान पर बंदी रामबाबू वैश्य के भागने का पता लगा। बंदी दोपहर साढ़े तीन से शाम पांच बजे के बीच भागा है। इसके बाद लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मी भी फरार हो गए। रात 12:30 बजे लॉकअप प्रभारी की तहरीर पर सदर कोतवाली में पहरे पर तैनात रहे चारों पुलिस कर्मियों पर लापरवाही और बंदी पर अभिरक्षा से भागने का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की एक टीम रात को कौशांबी रवाना हुई।

घर के आसपास तैनात हो गई। घर पहुंचते ही बंदी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सुबह बंदी को कोतवाली लेकर आई। कचहरी से भागने के बाद बंदी रेलवे स्टेशन पहुंचा था। वह कालका एक्सप्रेस में बैठकर प्रयागराज पहुंच गया। इसके बाद प्रयागराज से कौशांबी गांव जा रहा था। पुलिस की पूछताछ में बंदी ने बताया कि दो माह से कपड़े नहीं बदले थे। वह भागा नहीं है। कपड़े बदलने के बाद घर से लौट आता।
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चौकसी बरती गई
बंदी के भागने की घटना के बाद पुलिस मंगलवार को चौकसी बरतते नजर आई। पुलिस लॉकअप से बंदियों से मिलने के लिए इकट्ठा होने वालों को लाठी पटककर खदेड़ती दिखी। पुलिस लॉकअप और बंदियों के वाहन आते ही घेराबंदी कर लेती। एक-एक बंदी को गिनती के बाद अंदर से बाहर निकाला जाता रहा।

पहले भी भागे बंदी 
- 2 फरवरी 2021 को विधातीपुर निवासी शिवशरण सिंह हत्या और एससी-एसटी के मामले में कोर्ट से पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भाग निकला था। एक साल बाद गाजीपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया।
- 2014 में जहानाबाद थाने का मनोज सविता नोटों की हेराफेरी के मामले में पकड़ा गया था। वह कोर्ट से पेशी से लौटते समय भाग चुका है।
- 2016 में मुन्ना सिंह उर्फ नटवर उर्फ विजय भी पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भाग चुका है।
- 2011 में गढ़ीवा का नीरज सिंह राणा पेशी के दौरान अपने घर से कलक्टरगंज में पकड़ा गया था।
- सनगांव का रहने वाला सजायाफ्ता फैजान उर्फ अंशू दो बार कोर्ट से पेशी के बाद भाग चुका है।
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