यमुना नदी के किशनपुर से एकड़ला घाट के बीच शनिवार को एक डॉल्फिन मृत अवस्था में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय मछुवारे के अनुसार वह सुबह नाव लेकर नदी में गया था, तभी तेज दुर्गंध महसूस होने पर उसने नाव उस दिशा में मोड़ी। करीब पहुंचने पर लगभग 3 मीटर लंबी डॉल्फिन मृत पड़ी मिली, जिसके मुंह पर चोट के निशान थे।
बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में पहले बड़ी संख्या में डॉल्फिन पाई जाती थीं, लेकिन पिछले 4-5 वर्षों से इनकी मौजूदगी लगभग समाप्त हो गई थी। ऐसे में लंबे समय बाद किसी डॉल्फिन का मिलना भी वह भी मृत अवस्था में, कई सवाल खड़े कर रहा है। मछुवारे उमेश कुमार ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, लेकिन तीन दिन बाद मौके पर डॉल्फिन के अवशेष भी नहीं मिले। आशंका है कि अन्य जलीय जीवों ने उसे खा लिया होगा। इससे मौत के कारणों का पता नहीं चल सका। सरकार द्वारा डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया है और इसके शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध है।
इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर सवाल उठाती हैं। पर्यावरण प्रेमी और यमुना नदी मित्र समिति के महामंत्री जयकांत सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यदि अवशेष मिलते तो मौत के कारणों का अनुमान लगाया जा सकता था। उन्होंने यमुना में बढ़ते प्रदूषण को भी संभावित कारण बताया और कहा कि यह एक सुंदर और दुर्लभ जीव का नुकसान है। वन विभाग के सीओ विवेक शुक्ला ने बताया कि उन्हें पहले इसकी जानकारी नहीं थी। सूचना मिलने पर टीम भेजी गई, लेकिन मौके पर अवशेष नहीं मिले। फिर भी खोजबीन जारी है।