तोड़फोड़ के बाद व्याप्त तनाव को देखते हुए करीब आधे किलोमीटर का मकबरे से जुड़ा इलाके को प्रशासन ने अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। पूरे इलाके में सुरक्षा के चाक चौबंद है। पुलिस प्रशासन ने ड्रोन से निगरानी कर गुरुवार को कुछ जगहों से इकट्ठा ईंट पत्थर हटवाए हैं। पुलिस गश्त कर लोगों को घरों से बेवजह बाहर निकलने से रोक रही है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर इलाके में भीड़ की तोड़फोड़ के बाद दिन प्रतिदिन सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। एसटीएफ कमांडो के साथ हमीरपुर, बांदा, कौशांबी, महोबा समेत अन्य जिलों का फोर्स मकबरे की सुरक्षा में लगा है। पुलिस प्रशासन ने पहले मकबरे के चारोंं ओर करीब 10 मीटर पर बैरिकेडिंग की थी। दूसरे दिन दो बैरिकेडिंग बढ़ाई गई थी। चौथे दिन गुरुवार को 60 मीटर तक पांच जगह बैरिकेडिंग लगा दी गई हैं। इस पूरे बैरिकेडिंग स्थल में करीब पांच हजार बल्लियां लगी हैं। इसके अलावा पुलिस के 45 फाेल्डिंग बैरियर गलियों में लगाए हैं। पुलिस फोर्स टुकड़ियों में अलग-अलग जगह बैरिकेड पर तैनात हैं।
आशीष की जगह मनोज त्रिवेदी नामजद
फतेहपुर। मकबरा बावल में 10 नामजद में आशीष त्रिवेदी की नामजदगी गलत पाई गई है। आशीष की जगह पुलिस मनोज त्रिवेदी का नाम प्रकाश में लाई है। मनोज त्रिवेदी अखिल हिंदू महासभा के प्रांत उपाध्यक्ष है। विवादित मकबरा दौरान अंदर पूजा करते करने का वीडियो वायरल हुआ था।