फतेहपुर में झूठी शान की खातिर बेटी के प्रेमी को मारने में पूरा परिवार जीवन भर के लिए जेल चला गया। मामला हथगाम के प्रयागदासपुर गांव का है। एक परिवार को अपनी बेटी से पड़ोसी दलित युवक के प्रेम-प्रसंग का शक था। इसी शक के चलते परिवार के सदस्यों ने पड़ोसी युवक को घर बुलाकर पीट-पीटकर मार डाला था।
मंगलवार को विशेष न्यायालय एससी-एसटी कोर्ट के अपर जिला जज राकेशधर दुबे ने पति-पत्नी व बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। घटना एक अप्रैल 2016 की दोपहर दो बजे की है। प्रयागदासपुर गांव के नरेंद्र यादव को शक था कि पड़ोसी श्रीराम के 19 साल के बेटे दिनेश का उनकी बेटी से प्रेम प्रसंग चल रहा है।
शक इतना गहरा हो गया कि नरेंद्र यादव ने पत्नी कमला देवी, बड़े बेटे अरविंद और छोटे बेटे योगेंद्र के साथ दिनेश की हत्या की योजना बना ली। घटना के दिन इन लोगों ने दिनेश को बहाने से घर बुलाया और लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और गंड़ासे से मारना शुरू कर दिया।
कुछ ही देर में दिनेश के पिता श्रीराम को भनक लगी तो वे भी नरेंद्र के घर पहुंच गए और घर के बाहर लगे जंगले से देखा तो अंदर उनका बेटा दिनेश खून से लथपथ पड़ा था। नरेंद्र ने श्रीराम को खिड़की से झांकते हुए देखा तो उसे भी जातिसूचक गालियां दी।
श्रीराम के शोर मचाने पर किसी तरह दिनेश को बाहर निकाला गया। इलाज के लिए कानपुर ले जाते समय अत्यधिक खून बह जाने से दिनेश की रास्ते में ही मौत हो गई। तबसे मामला न्यायालय में था। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेशधर दुबे प्रकरण की सुनवाई कर रहे थे।
दिनेश के परिवार को न्याय दिलाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार उर्फ रज्जू बाबू, देवेंद्र भदौरिया और सहायक अभियोजन अधिकारी उदय सिंह पटेल ने गवाहों और साक्ष्यों को पेश किया। अदालत ने हत्या करने वाले नरेंद्र यादव, उनकी पत्नी कमला देवी और लड़के अरविंद को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।
इसी मामले में आरोपी परिवार के छोटे बेटे के नाबालिग होने के कारण उसका प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया। जहां यह प्रकरण अभी भी विचाराधीन है। वादी के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि घटना के बाद से ही पूरा परिवार जेल में है।
वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार उर्फ रज्जू बाबू ने बताया कि मां सीता देवी और पिता श्रीराम की गवाही अहम रही। आजीवन कारावास के साथ बारह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।