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Fatehpur: माइनर कटने से गांव में भरा पानी, दो घर ढहे, पांच सौ बीघा फसल जलमग्न

Tue, 23 Dec 2025 07:16 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

माइनर कटने से गांव में पानी भर गया। सूचना के बाद भी ग्रामीणों का हाल जानने कोई राजस्व कर्मी नहीं पहुंचा। दो गांवों में 200 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं।
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गांव में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निचली गंगा नहर की मुत्तौरा माइनर तीन मीटर कटने से देवगांव सहित मुसीपुर गांव में नहर का पानी करीब तीन फीट ऊंचाई तक भर गया। पानी भरने से सोमवार रात देवगांव में दो कच्चे घर ढह गए। दोनों गांव की करीब 500 बीघा फसल दूसरे दिन मंगलवार को भी जलमग्न रही। सूचना देने के बाद भी न तो निचली गंगा नहर परियोजना का कोई अधिकारी और न ही राजस्व विभाग का अधिकारी माैके पर पहुंचा।

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बहुआ ब्लॉक के देवगांव के पास से गुजरी निचली गंगा नहर की मुत्तौरा माइनर सोमवार को अचानक कट गई थी। कुछ ही देर में पानी का बहाव तेज होने के कारण माइनर का कटा हुआ हिस्सा तीन मीटर से अधिक हो गया। इससे पानी का रुख सीधे देवगांव और मुसीपुर गांव की ओर हो गया। सोमवार दोपहर तक दोनों गांवों में नहर का पानी करीब तीन फीट ऊंचाई तक भर गया। साथ ही दोनों गांवों में करीब 500 बीघा फसल जलमग्न हो गई।

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ग्रामीणों ने जब इसकी सूचना विभाग के जेई को दी तब पानी का बहाव कुछ कम किया गया। वहीं सोमवार रात देवगांव के कन्हैयापाल और बुद्धुपाल के कच्चे घर जलभराव के कारण ढह गए। बुद्धुपाल ने बताया कि सोमवार रात उनका घर पूरी तरह गिर गया जिसमें घर का सारा सामान और जानवर दब गए। ग्रामीणों की मदद से परिजनों और जानवरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अभी भी घर का काफी सामान मलबे में दबा हुआ है। उन्होंने बताया कि सूचना जेई अनुपम को फोन के माध्यम से दी गई लेकिन उन्होंने फोन काट दिया।

कन्हैयापाल ने बताया कि वह अपना सामान लेकर दूसरे के घर में रहने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों गांवों को मिलाकर करीब 200 घर प्रभावित हुए हैं। अभी भी पानी भरा हुआ है। दोनों गांवों में गेहूं सहित अन्य फसलें पानी में डूबी हैं। बताया कि जब एसडीएम सदर अनामिका श्रीवास्तव के सीयूजी नंबर 9454417860 पर फोन किया गया तो घंटी बजने के बावजूद फोन नहीं उठाया गया।
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साहब को नहीं दिखता पीड़ितों का दर्द
नहर कटने से देवगांव में दो घर ढह गए। लोग बेघर हो चुके हैं। एक व्यक्ति मलबे के नीचे दबे सामान को भी नहीं निकाल पाया है। वहीं नहर व माइनर की देखरेख करने वाले विभाग के अधिशासी अभियंता सुंदर लाल वर्मा पीड़ितों को मदद देने के बजाय यह तक मानने को तैयार नहीं है कि दो गांवों के अंदर नहर का पानी भरा है। इससे दो मकानों को नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि किसी भी गांव में अब कच्चा मकान नहीं है इसलिए कहीं भी कच्चा मकान गिरा ही नहीं है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने नहर को बांध दिया था। ओवरफ्लो होने के कारण पानी नहर से बाहर निकला है।

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