असोथर थाना क्षेत्र के सरकंडी खास गांव में मंगलवार सुबह सहन की भूमि पर लकड़ी का घेरा बांधने पर परिवार में विवाद हो गया। भाई व पिता पर दो भाइयों समेत चार लोगों ने सब्बल, लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला किया। हमले में एक भाई की मौत हो गई। घायल पिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया है, जबकि दो भाग गए। पुलिस ने दो भाइयों समेत चार के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।
गांव निवासी भगवानदीन निषाद ने बताया कि बड़ा पुत्र दशरथ घर के सामने लकड़ी का घेरा बना रहा था। छोटे पुत्र प्रद्युम्न (28) ने अपने दरवाजे पर घेरे की लकड़ी बांधने का विरोध किया। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर दशरथ ने पत्नी कमला कुमारी व छोटे भाई कमलेश और साले लवलेश निवासी रमसगरा थाना किशनपुर के साथ सब्बल, कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे से प्रद्युम्न पर हमला किया।
हमले में प्रद्युम्न गंभीर रूप से घायल हो गया। वह बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो उस पर भी हमला किया। वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। परिजन घायल प्रद्युम्न और भगवानदीन को लेकर जिला अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में ही प्रद्युम्न की मौत हो गई।
प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर सरोज ने बताया कि घटना भूमि कब्जे के विवाद में हुई है। छोटे भाई छोट्टन की तहरीर पर दशरथ, कमला, कमलेश और लवलेश के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सिर पर गंभीर चोट आने से मौत हुई है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आरोपी कमलेश और कमला कुमारी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
दो दिन पहले थी बहन की शादी
प्रद्युम्न की शादी करीब पांच वर्ष पूर्व राधानगर निवासी सुमन देवी से हुई थी। उसके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां निहारिका (3) और दिवांशी (5 माह) हैं। वह कानपुर में परिवार के साथ रहकर इडली-डोसा का ठेला लगाता था। उसकी बहन माया देवी की शादी 21 जून को थी इसलिए परिवार समेत एक हफ्ते पहले गांव आया था। बहन की शादी के बाद परिवार में ही खूनी संघर्ष हुआ। प्रद्युम्न सात भाइयों मंगल, दशरथ, महेश, छोट्टन, कमलेश और जयकरण में चौथे नंबर पर था। सरकंडी खास गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है।