तय रूट का जायजा लेने पहुंचे डीएम-एसपी
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आबूनगर के धार्मिक स्थल के विवाद के बीच मंगलवार को प्रशासन की मुश्किलें तब और बढ़ गई जब बीएनएस 163 लागू होने के चलते बुधवार को निकलने वाली धर्म यात्रा पर रोक लगा दी गई। इससे यात्रा निकालने वाले लोगों में रोष व्याप्त है। आलाधिकारी जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे और यात्रा के संयोजकों के साथ बैठक कर रूट बदलने की बात की। इस पर सहमति बनने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। देर शाम यात्रा मार्ग का डीएम रविंद्र सिंह और एसपी अनूप सिंह ने जायजा लिया है। आयोजकों ने यात्रा को सफल बनाने के लिए हवन-पूजन भी मंगलवार को ओवरब्रिज के नीचे किया।
मलवां कस्बे में ओवरब्रिज से विश्व हिंदू परिषद की ओर से 61वीं वर्षगांठ पर बुधवार को यात्रा का आयोजन किया गया है। यात्रा 20 वर्षों से कस्बे में निकाली जा रही है। धर्म ध्वजा यात्रा का मुख्य उद्देश्य सनातनियों को संगठित कर धर्म की स्थापना और सजग करना है। शहर के आबूनगर विवाद के चलते धर्म ध्वजा यात्रा को लेकर प्रशासन दो दिन से मलवां कस्बे में डेरा जमाए है।
जायजा लेने पहुंचे डीएम-एसपी
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पिछले साल इसी कार्यक्रम के तहत मलवां कस्बे में विवादित मस्जिद को ध्वस्त कराने की मांग रखी गई थी। जिस पर कार्रवाई भी हुई थी। कार्यक्रम की अनुमति विवाद को लेकर एडीएम डा. अविनाश त्रिपाठी, एएसपी महेंद्र पाल सिंह, एसडीएम बिंदकी, सीओ सिटी के साथ आयोजक बजरंग दल के प्रखंड संयोजक आचार्य अजीत राज व अन्य आयोजकों के साथ बैठक हुई। आयोजकों ने धर्म ध्वजा यात्रा को परंपरागत बताया। जिसके बाद रूट तय हुआ।
तय रूट के अनुसार, यात्रा ओवरब्रिज के नीचे से कोटिया मार्ग से सराफा गली पहुंचेगी। जहां से बूढ़े बाबा मंदिर और नेशनल हाईवे से लौटकर ओवरब्रिज के नीचे ही समाप्त हो जाएगी। पूर्व के वर्षों में धर्म ध्वजा यात्रा बूढ़े बाबा मंदिर से मस्जिद के बगल से भी गुजरकर कोटिया मार्ग से वापस मलवां कस्बे में समाप्त होती थी। डीएम व एसपी शाम को पहुंचे। यात्रा मार्ग की ड्यूटियां चेक की। यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर दिशा निर्देश दिए। पूरे दिन क्षेत्र में भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा।