पुलिस मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस से सुबह सभी को अस्पताल भेजा गया। भिटौरा मार्ग पर ट्रैफिक काफी कम रहता है। रात के समय इक्का-दुक्का ही वाहन गुजरते हैं। किसी तरह का ट्रैफिक न होने की वजह से चालक गौरांग ने कार तेज रफ्तार में दौड़ाई होगी। हादसा स्थल 25 मीटर के बीच हुआ।
तीन जगह से टूट गया था बिजली पोल
सबसे पहले कार की टक्कर एक पेड़ से हुई। पेड़ की ऊपरी सतह तक उखड़ गई है। इसके बाद करीब 10 मीटर दूर दूसरे पेड़ से कार टकराई। पेड़ के बीच से दो टुकड़े हो गए। तीसरा पेड़ भी कार की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया। करीब 25 मीटर दूर चौथे बिजली पोल पर कार की भीषण टक्कर लगी। बिजली पोल तीन जगह से टूटा।
टायर करीब 50 मीटर दूर जा कर गिरा
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद तीनों युवकों के शव बाहर पड़े थे। झटका लगने से शव बाहर निकले हैं। कार के दरवाजे टीन की चादर के रूप में बदल गए। पिछला चक्का ही कार से बाहर हो गया। चक्का करीब 50 मीटर दूर गिरा। कार के सभी बैग खुल गए। इन हालातों से कार हादसे में रफ्तार का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
हादसास्थल पर रूके लोग बोले- सो सैड और हाय दइया
करीब 25 मीटर का हादसा स्थल रात के भयावाह मंजर की दास्तां को बयां कर रहा है। इस मार्ग पर सुबह से लोगों का आना-जाना शुरू होता है। ग्रामीण सुबह जंगल को निकले। हादसा की जानकारी पर मवइया, जमालपुर, बिसौली समेत अन्य गांव के लोगों की भीड़ लग गई। भिटौरा से गंगा स्नान परिवार के साथ लौट रहे कार सवार अनिल कुमार रुके।
कहा- सबैं सरग सिधार गए होइंये
वह कार को देखकर बोले कि सो सैड हादसे में जो बचा होगा वो किस्मत वाला है। मवइयां गांव की रामरती बोली कि हाय दइया का ईं कार में जौंन बैठा रहा हुई सबैं सरग सिधार गए होइंये। जमालपुर गांव के संजय सिंह कयास लगाते हुए बोले गाड़ी 200 किलोमीटर की रफ्तार से काम न रही। गाड़ी की टक्कर से पेड़ और खंभा तक टूट गया।
ड्राइवर को छोड़ गया था गौरांग
घर से गौरांग और परिवार के लोग मयंक की सगाई में गए थे। गौरांग के पिता ने बताया कि कार का ड्राइवर पहले सभी को छोड़ गया था। करीब रात 12 बजे गौरांग घर आया और वह ड्राइवर को छोड़ गया। बेटे से ड्राइवर को ले जाने को बोला था, लेकिन वह साथ में कुछ दोस्तों के होने की बात कहकर ड्राइवर को नहीं ले गया।
बेकाबू फॉर्च्यूनर पेड़ से टकराकर पलटी
भिटौरा मार्ग पर रविवार देर रात तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने के बाद खंती में पलट गई। हादसे में फॉर्च्यूनर सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर, एनएमडीसी के सहायक प्रबंधक समेत तीन दोस्तों की मौत हो गई, जबकि एक घायल को रेफर किया गया। सभी लोग सगाई कार्यक्रम के बाद दोस्त से मिलने जा रहे थे।x
परिजन मवेशी के सामने आ जाने की बता रहे हैं वजह
पुलिस हादसे की वजह तेज रफ्तार बता रही है, जबकि परिजन मवेशी के सामने आ जाने से कार पलटने की बात कह रहे हैं। शहर के आबूनगर निवासी होम्योपैथिक डॉक्टर संजय सचान के पुत्र मयंक सचान (27) नोएडा स्थित सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर थे। उनकी आबूनगर स्थित एक मैरिज हॉल में रविवार रात सगाई थी।
सभी दोस्त से मिलने जा रहे थे तीनों
मयंक की सगाई में उनके बचपन के दोस्त राधानगर निवासी शिवम गुप्ता (25), आवास विकास निवासी गौरांग सचान (27), पटेल नगर निवासी दिव्यांश गुप्ता (26), सिविल लाइन निवासी डॉ. आरकेंद्र श्रीवास्तव (27) पहुंचे थे। रविवार की रात करीब रात तीन बजे सगाई कार्यक्रम के बाद सभी दोस्त गौरांग की फॉर्च्यूनर से सहिमापुर गांव में रहने वाले दोस्त से मिलने जा रहे थे। कार गौरांग चला रहे थे।
पोल तोड़ते हुए खंती में जाकर पलट गई कार
शहर कोतवाली अंतर्गत भिटौरा मार्ग के मवइया मोड़ पर कार तेज रफ्तार में होने की वजह से पेड़ से टकराकर अनियंत्रित हो गई। हालांकि गौरांग के पिता सुरेश के मुताबिक किसी मवेशी के सामने आने से कार बेकाबू हुई। इसके बाद कार एक के बाद एक दो पेड़ों से टकराने के बाद सीमेंट का बिजली का पोल तोड़ते हुए खंती में जाकर पलट गई।