फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रूह की ताजगी, जिस्म का इम्तिहान है रोजा : हाफिज मुजीब रजा

Thu, 26 Feb 2026 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
राजपुर। मुकद्दस रमजान में रोजेदार पूरी शिद्दत के साथ खुदा की इबादत में जुटे हैं। रोजेदार नमाज और तरावीह के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त कुरान पाक की तिलावत में गुजार रहे हैं।
विज्ञापन


बच्चें, बुजुर्ग और नौजवान मस्जिदों में बीमार लोगों और महिलाओं का घरों में तरावीह का सिलसिला जारी है। शहरी और इफ्तार के लिए रोजेदार महिलाएं घरों में पकवान में लजीज व्यंजन तैयार कर रही है। मुसाफिरों और जरुरतमंदों के लिए इफ्तार के इंतजाम मस्जिदों में भी किए जा रहे हैं। बुधवार को अकबरपुर, बारा, रनिया, रुरा, डेरापुर, भोगनीपुर, पुखरायां, रसूलाबाद, सिकंदरा, राजपुर, सट्टी, मूसानगर समेत जिले की सभी प्रमुख मस्जिदों में रोजेदारो ने पाबंदी से पांच वक्त की नमाज अदा की। इफ्तार के दौरान सामूहिक रूप से मुल्क में भाईचारा और सौहार्द कायम रहने की दुआ की गई। वहीं, उलेमाओं ने रमजान की फजीलतें बयां की। बरकतों के महीने रमजान की तफ्सील बताई।

सिकंदरा के खजूर वाली मस्जिद के हाफिज मुजीब रजा ने बताया कि मुकद्दस रमजान बरकतों, फजीलतों व बेशुमार रहमतों का महीना है। रमजान में जरूरतमंदों की मदद करने का बेशुमार सवाब (पुण्य) मिलता है। यह इबादतों के जरिये खुदा को राजी करने का महीना है। रोजाना कुरान की तिलावत कर गुनाहों से माफी मांगे। इस महीने में झूठ, धोखा, चुगली और बुरे कामों से बचना चाहिए। घर पड़ोसी और रिश्तेदारों के साथ अच्छा व्यवहार करे। फिजूलखर्ची से बचकर गरीबों की मदद करें। इफ्तार और शहरी के समय जरूरत से ज्यादा खाना न बनाए। जकात और सदका जरूर अदा करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें