ऐसे काम करता है फास्ट टैग
वाहन की विंड स्क्रीन पर टैग को लगाया जाता है। टोल से गुजरने पर यहां लगी मशीनें फास्ट टैग को स्कैन कर लेती हैं और इससे जुड़े बैंक खाते से टोल शुल्क कट जाता है।
मंत्रालय ने भी जारी किया आदेश
सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देश के सभी टोल प्लाजा को 2019 से फास्ट लेन्स घोषित किया है। मंत्रालय का यह निर्णय एक दिसंबर से सभी टोल पर लागू होगा। गैर फास्ट टैग वाहन चालकों के फास्ट टैग लेन से गुजरने पर दोहरा शुल्क वसूला जाता है।
कानपुर से जुड़े टोल प्लाजा और फास्ट टैग लेन की संख्या
- इटावा से कानपुर के बीच बारा जोड़ : 18 लेन
- अनंतराम (औरैया) : 16 लेन
- बारा से उरई के बीच उसाना : 10 लेन
- कानपुर से कबरई के बीच खन्ना और अलियापुर : 6-6 लेन
- कानपुर से इलाहाबाद के बीच बड़ौरी और कटोघन : 2-2 लेन