नौकरी व रुपयों का प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का मामला तूल पकड़ गया है। युवक ने वाल्मीकि समाज के लोगों को ईसाई धर्म में शामिल करने का मिशन चलाए जाने का आरोप लगाया। धर्म परिवर्तन न करने पर आरोपियों द्वारा घर में घुसकर गाली-गलौज कर परिवार की हत्या करने की धमकी देने का आरोप लगाया। घर में रखी धार्मिक तस्वीरें तोड़कर पैरों से कुचल दिया गया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
कस्बा के इंदिरा नगर निवासी बसंत वाल्मीकि ने मोहल्ला के महेश, फतेहगढ़ कोतवाली के मिशन कंपाउंड निवासी डॉ. पी कुजूर व नगलादीना के सोनू पास्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें कहा कि वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है। ईसाई धर्म को मानने वाला डॉ. पी कुजूर धर्म परिवर्तन का मिशन चला रहा है। डॉ. पी कुजूर ने सोनू वाल्मीकि का ईसाई धर्म में परिवर्तन करवा दिया है। डॉ. पी कुजूर और सोनू पास्टर मिलकर बस्ती में आकर वाल्मीकि समाज के लोगों को नौकरी व रुपयों का प्रलोभन देते हैं, लोगों के तैयार न होने पर बच्चों समेत परिवार की हत्या करने की धमकी देकर ईसाई धर्म अपनाने की बात कही जाती है। कुछ दिन पूर्व आरोपियों ने उससे भी धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया।
30 जून को शाम 4:15 बजे आरोपी उसके घर पहुंचे। गाली-गलौज कर धमकाया और तोड़फोड़ की। वाल्मीकि समाज के लोगों ने कुछ दिन पूर्व जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। इस पर सोमवार को एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय व सीओ अमृतपुर अजय वर्मा ने इंदिरा नगर पहुंच कर लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच की थी। मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक डॉ संजय कुमार ने पहुंच लोगों के बयान लिए थे। इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होगी।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
धर्मांतरण कराने के आरोपी डाॅ. पी कुजूर, सोनू पास्टर व महेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के तहत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, आपराधिक धमकी देने एवं किसी काम को करने के लिए मजबूर करने के संबंध में, जानबूझकर अपमान करने के संबंध, धर्म परिवर्तन कराने एवं एससी/एसटी एक्ट की धाराएं शामिल हैं।