जानलेवा हमले में गवाही के लिए दो सिपाही तलब
बसपा नेता व नेम कुमार बिलैया पर जानलेवा हमले के मुकदमे में कोर्ट ने गवाही के लिए दोनों सिपाहियों को बीस जुलाई को तलब किया है। फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस ने 9 अक्तूबर 1997 को कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता डॉ अनुपम दुबे व जनपद कन्नौज कोतवाली छिबरामऊ गांव निगोह निवासी रिश्तेदार नेम कुमार बिलैया के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि नौ अक्तूबर 1997 को राम बारात निकल रही थी। उसी दौरान फतेहगढ़ चौराहे के पास टीवी दुकानदार सरदार मंजीत सिंह पर रंगबाजी में जानलेवा फायर कर दिया था। इसमें दुकानदार मंजीत सिंह बाल-बाल बच गया था। विवेचक ने नेम कुमार बिलैया के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। नेम कुूमार बिलैया की पुलिस एनकांउटर में मौत हो चुकी है। बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे जनपद फिरोजाबाद जेल में बंद हैं। इस मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे ने सिपाही दयाराम व सहवीर को बीस जुलाई को कोर्ट में गवाही के लिए तलब किया। बचाव पक्ष के वकील ने कई दलीलें दी।