वहीं दूसरी ओर, शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार गांव कटरी तौफीक निवासी नेकराम की पत्नी सुखदेवी अपनी पुत्री जयंती (10), गांव के असेंद्र (11) पुत्र रामसेवक अर्पित (9) पुत्र रामसेवक, सरवन (9) पुत्र अर्जुन के साथ बैलगाड़ी से तेजापुर गांव जानवरों के लिए चारा लेने जा रही थी। गांव झौआ और कटरी तौफीक के बीच में सड़क पर पानी होने से बैलगाड़ी को खंदक की ओर ले गए। इससे बैलगाड़ी पलट गई, जिसमें पांचों सवार गाड़ी में दब गए और बैलगाड़ी तेज बहाव में 100 मीटर दूर चली गई। सड़क पर घूम रहे झौआ गांव के प्रवीण कुमार, बलवीर, अवधेश कुमार, सचिन कुमार, सत्यवीर, विपिन कुमार ने डूबते देखा तो छलांग लगा दी।
ग्रामीणों ने पांचों लोगों को बचा लिया। बैलगाड़ी को ट्रैक्टर से खींचकर बाहर निकाला। सुखदेवी और जयंती की हालत गंभीर होने पर प्रधान देवेंद्र यादव ने बाइक से निजी अस्पताल पहुंचाया। कायमगंज तहसीलदार संतोष कुमार और दरोगा विशेष कुमार मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने बताया कि सुखदेवी की हालत ठीक होने पर परिजन घर ले गए। कटरी तौफीक में दो नाव पहले से चल रही थीं। एक नाव और बढ़ा दी गई है। डूबे लोगों की हालत ठीक है।