फर्रुखाबाद जिले में मंदी की मार से बर्बाद आलू किसान जान देने की स्थिति में है। नवाबगंज क्षेत्र के एक किसान ने 12 हजार रुपये बीघा उगाही पर 21 बीघा खेत लिया। उसने अपने छह बीघा में भी आलू किया। गरीबी दूर करने के मकसद से दिनरात हाड़तोड़ मेहनत की। गड़ाई और खोदाई में दो भैंसें बेचकर बच्चों के मुंह का दूध भी दूर किया। मगर अब खेत मालिक की रकम के साथ अन्य उधारी चुकता करने के लाले हैं। इससे दुखी किसान ने विषाक्त पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया है। नवाबगंज थाने के गांव नगला जोखा निवासी सुभाष जाटव (40) ने शुक्रवार देर रात विषाक्त पदार्थ निगल लिया।
हालत बिगड़ने पर पत्नी प्रियंका ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद शनिवार सुबह हालत में सुधार हुआ। सुभाष ने बताया कि उनके पास छह बीघा खेत है। वह खेती बेहद लगन से करते हैं। अच्छी आमदनी के चक्कर में इस बार 12 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से 21 बीघा खेत उगाही पर लिया। उन्होंने 27 बीघा खेत में आलू किया। इधर-उधर से रुपये लेकर खेतों में खूब लागत लगाई। आलू गड़ाई के समय एक भैंस 65 हजार में बेच दी। खोदाई के समय मजदूरी देने की खातिर 75 हजार कीमत की भैंस 55 हजार में देनी पड़ी। जब आलू बेचने की नौबत आई, तो पिछले साल जो एक ट्राली आलू 16-17 हजार का होता था।