जानलेवा हमला करने के 14 वर्ष पुराने मामले में दोषी बल्लन को अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश शैली रॉय ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया।
थाना नवाबगंज के गांव जानकीपुर निवासी फूल सिंह शाक्य ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 14 जून 2011 काे दोपहर 12 बजे भाई महेंद्र सिंह व भतीजे अनिवेश के साथ खेत में खीरे की फसल की रखवाली कर रहे थे। उसी समय उसके खेत में ग्राम बबुरारा निवासी अरविंद पंडित, कल्लन व बल्लन पुत्र राम खिलाड़ी दीक्षित आए और बिना पूछे खेत से खीरे तोड़ने लगे। जब उसने तथा दिव्यांग भाई महेंद्र ने खीरे तोड़ने से मना किया तो वह लोग अपने-अपने तमंचों से फायर करने लगे। बल्लन के तमंचे से निकली गोली भाई महेंद्र के सीने जा लगी। इससे वह घायल हो गया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध जानलेवा हमला करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की। विवेचना पूरी कर तीनों आरोपियों के विरुद्ध अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान 25 सितंबर 2024 को आरोपी कल्लन और 24 दिसंबर 2024 को अरविंद पंडित की मृत्यु होने के बाद कार्रवाई रोक दी गई। अभियोजन पक्ष ने वादी, घायल, चिकित्सकों व विवेचक समेत सात गवाहों को पेश किया। न्यायालय ने गवाहों के बयानों व उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद आरोपी बल्लन को दोषी करार दिया।