फौजदारी प्रकीर्ण वाद की सुनवाई के दौरान वादी पंकज यादव ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि एआरटीओ कार्यालय ने कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जमानतदार के दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई। मामले के अनुसार, न्यायालय ने 22 जनवरी 2026 को संबंधित वाहन को रिलीज करने का आदेश दिया था। इसके तहत जमानतदार सतेंद्र सिंह के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए 25 फरवरी को एआरटीओ कार्यालय को रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेजा गया, जो 26 फरवरी को कार्यालय में प्राप्त भी हो गया था। इसकी पुष्टि के लिए डाक ट्रैकिंग रसीद न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
इसके बाद न्यायालय ने 25 मार्च को एआरटीओ को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे, लेकिन न तो एआरटीओ अदालत में उपस्थित हुए और न ही 30 मार्च तक सत्यापन आख्या प्रस्तुत की गई। अदालत ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित वाहन को अस्थायी रूप से रिलीज करने का आदेश दिया। साथ ही एआरटीओ कृष्ण कुमार यादव के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 388 के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।