विस्फोटक व बारूद की कोई महक नहीं आई
इसी दौरान 17 मार्च को विस्फोट हो गया। साजिश के तहत हुआ है। हमारे परिवार को फंसाया जा रहा है। अभी जांच चल ही रही है कि बच्चों पर केस लगा दिया गया। जांच निष्पक्ष हो। घटना के बाद एसपी ने घर से उतरने के बाद ही विस्फोटक व बारूद की कोई महक नहीं आने की बात कही थी। उन्होंने जांच में सहयोग की बात को भी नकार दिया। कहा कि घटना के बाद आए डीएम और एसपी ने जो भी सवाल पूछे, उनका जवाब दिया।
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मोबाइल व दो टेबलेट भी कब्जे में
बच्चों की हालत गंभीर थी। कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं थे। घटना वाले दिन बेसमेंट में महक आ रही थी। माचिस जलाते ही विस्फोट हुआ था। पुलिस मेरे लाइसेंसी असलहे राइफल व पिस्टल ले गई। बच्चों के चार मोबाइल व दो टेबलेट भी कब्जे में हैं। घर सील कर दिया। सभी कपड़े, खाने-पीने का सामान उसी घर में बंद हैं। वह इस लड़ाई को लड़ेंगी। उनके साथ सपा महानगर अध्यक्ष राघव दत्त मिश्रा, महासचिव रजत क्रांतिकारी, अधिवक्ता पुष्पेंद्र यादव आदि थे। वहीं, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी ने आरोप को निराधार बताया और समय पर जवाब देने की बात कही है।