फर्रुखाबाद में वकीलों से शुरू हुए विवाद के बाद से एआरटीओ सुधेश तिवारी चर्चा में थे। वकीलों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उनके खिलाफ शासन में कई शिकायतें की थीं। प्रमुख सचिव ने मामले की जांच के आदेश देते हुए एआटीओ को लखनऊ मुख्यालय में संबद्ध कर दिया है। उनके स्थान पर बागपत के एआरटीओ प्रशासन सुरेंद्र सिंह को जिले में तैनाती दी गई है।
एआरटीओ सुधेश तिवारी ने 6 जुलाई को हमीरपुर जिले से तबादले पर यहां आकर कार्यभार ग्रहण किया था। लेकिन अपनी कार्यशैली के लिए मशहूर एआरटीओ सुधेश तिवारी कुछ दिनों में ही चर्चा में आ गए। उनके कार्यकाल में ही पीटीओ वीके आनंद के साथ मारपीट की घटना हुई। इसका उन्होंने पुरजोर विरोध किया। इसके चलते कचहरी गेट पर एआरटीओ सुधेश तिवारी के साथ 26 अगस्त को मारपीट हुई।