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सतर्क हो जाएं किसान, आक्रमण कर सकता है टिड्डी दल, यूपी के जिलों में आया तो होगी बड़ी तबाही

Wed, 27 May 2020 12:50 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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इसी तरह पेड़ों और पौधों पर बैठता है टिड्डी दल। - फोटो : अमर उजाला
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इटावा जिले के किसान सतर्क हो जाएं, बाह के रास्ते जसवंतनगर की ओर से टिड्डी दल जिले की फसलों और वनस्पतियों पर हमला कर सकता है। इसको लेकर कृषि विभाग सतर्क हो गया है। फायरब्रिगेड की गाड़ियों के साथ टैंकर आरक्षित कर लिए गए हैं।
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जिले के किसानों और सभी प्रधानों को सतर्क रहने के संदेश भी भेज दिए गए हैं। कृषि विभाग के अधिकारी गांवों में भ्रमण कर रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि टिड्डी दल ईरान, पाकिस्तान होते हुए राजस्थान से देश में प्रवेश करते हैं।

दो टिड्डी दल राजस्थान के  दौसा, गंगानगर, भरतपुर से मध्यप्रदेश के मुरैना, ग्वालियर, भिंड होते हुए झांसी, ललितपुर से गुजरे हैं। उस समय हवा दक्षिण की ओर चल रही थी। अब हवा का रुख कुछ उत्तर की ओर हुआ है, इसी बीच तीसरा टिड्डी दल गंगानगर तक पहुंच गया है।
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अगर हवा उत्तर की ओर ही रही तो ये दल भरतपुर, आगरा होते हुए बाह से जसवंतनगर में प्रवेश कर सकता है। इस दल के पीछे और दल आ रहे हैं। इसके चलते विभाग के सभी अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। ब्लॉक के अधिकारी गांवों में जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं।

जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि फायरब्रिगेड की गाड़ियों और निकायों के टैंकर दवा का छिड़काव कराने के लिए आरक्षित कर लिए गए हैं। इसके अलावा 22 किसानों से माउंटेन स्पेयर मशीनें ली गई हैं। टैंकों के सहारे इन मशीनों से ऊंचे पेड़ों तक दवा का छिड़काव किया जा सकेगा।

सीडीओ राजा गणपति आर ने बताया कि जिले के सभी ग्राम प्रधानों को  टिड्डी दल के आक्रमण की आशंका की सूचना दे दी गई है। किसानों से कहा गया है कि वह सतर्क रहें। अपने गांव के किसानों को भी सतर्क कर दें। टिड्डी कीट दल दिखाई देते ही ब्लॉक, तहसील और जिले के अधिकारियों को सूचना दें। टिड्डी दल दिखने ही करें फोन मोबाइल नंबर 8052582187 या 9012000859



दवा का छिड़काव करें किसान
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि टिड्डी दल शाम को  6 से सुबह 8 बजे तक पेड़ पौधों पर सोते हैं, उसी समय उन पर छिड़काव कर मारा जा सकता है। उन्होंने बताया कि क्लोरोपायरीफास एक मिली लीटर एक लीटर पानी के औसत में डालकर छिड़काव करें। डेल्टामेथ्रिन 11 प्रति ईसी , लैम्बडासायहैलाथ्रिन 5 प्रति ईसी एक लीटर पानी के औसत से छिड़काव कर सकते हैं। इसी दवा का कृषि विभाग भी छिड़काव करेगा। कृषि अधिकारी  ने बताया कि अगर दिन में छिड़काव कर केवल टिड्डी दल को भगाया जा सकता है।
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डीजे, ढोल और थालियां बजाएं
जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि किसान अपने खेतों पर ही रहें। टिड्डी दल दिखाई देने पर तेज ध्वनि में डीजे, बड़ी संख्या में टिन के डब्बे, घंटे, थालियां बजाकर शोर करें। इसके अलावा धुआं करके भी दल को भगाया जा सकता है। टिड्डी दल को भगाकर किसान फसल को बचा सकते हैं।

टिड्डी दल आया तो होगी बड़ी तबाही
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि टिड्डी दल तीन से पांच किलोमीटर चौड़ाई से उड़ते हुए चलता है। जिधर से दल गुजरता है वह क्षेत्र के पेड़, पौधे और फसलों की पत्तियां चट कर देता है। पीपल और बरगद जैसे बड़े पेड़ों की पत्तियां कुछ ही देर में साफ हो जाती हैं। कृषि अधिकारी ने कहा कि अगर दल जसवंतनगर के रास्ते जिले में घुसा तो बड़ी तबाही मचने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि जसवंतनगर, सैफई, बसरेहर, ताखा क्षेत्र में सब्जी की फसलें होती हैं। यही जायद का सबसे उपजाऊ क्षेत्र है। इस समय खेतों में सब्जियां, मूंग, मक्का, हरा चारा आदि खड़ा है। हवा का रुख उत्तर की ओर रहा तो टिड्डी दल इन क्षेत्रों की फसलों को तबाह करता हुआ कन्नौज व फर्रुखाबाद जिलों में प्रवेश कर जाएगा। कृषि अधिकारी ने कहा कि किसान डरें नहीं केवल सतर्क रहें और दल आते सूचना देकर शोर शुरू कर दें।
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