खरीफ की फसल के पहले किसानों के रुपे कार्ड एक्टिव कर दिए जाएंगे। किसान रुपे कार्ड का इस्तेमाल एटीएम कार्ड की तरह हो सकेगा। बीज, खाद, उपकरण आदि खरीदने के लिए किसानों को कैश पैसा नहीं देना पड़ेगा। रुपे कार्ड से स्वैप करके वे भुगतान कर सकेंगे।
पहली जुलाई से सात जुलाई तक कैंप लगाकर किसानों के रुपे कार्ड एक्टिव किए जाएंगे। उप कृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के मुताबिक किसान क्रेडिट कार्ड को किसान रुपे कार्ड में तब्दील किया जा रहा है। किसान रुपे कार्ड के लिए आवेदन करने का समय 20 जून तक है।
आवेदन लेने के लिए न्याय पंचायत स्तर पर कैंप लगाए गए हैं। इस मौके पर बैंकर्स पीओएस मशीन भी अपने साथ रखेंगे। राजस्व विभाग के कर्मचारी भूमि संबंधी अभिलेख निशुल्क उपलब्ध कराएंगे। कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी भी कैंपों में मौजूद रहेंगे। अभियान की समीक्षा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति करेगी।
उप कृषि निदेशक सिंह ने बताया कि खरीफ-2018 की फसल बोए जाने की शुरुआत होने के पहले किसानों को किसान रुपे कार्ड उपलब्ध कराया जाना है। इससे किसानों को वैज्ञानिक खेती करने में आसानी होगी। इसी मकसद से यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।