भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने सोमवार दोपहर कानपुर-झांसी हाइवे पर
चक्काजाम कर दिया।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष हाथों
लाठी-झंडे लेकर हाइवे पर बैठ नारेबाजी करने लगे। जाम के चलते कानपुर-झांसी
राजमार्ग पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गई। करीब एक घंटे के
चक्काजाम के बाद नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर किसानों ने र्हाईवे से जाम
हटाया।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)प्रदेश सचिव चौधरी रमेश
सिंह यादव ने कहा कि कानपुर देहात जनपद पांच वर्षों से दैवीय आपदाओं से जूझ
रहा है। फसल बर्बादी से आत्महत्या कर रहा है लेकिन सरकार से कोई राहत नहीं
रही है। जिलाध्यक्ष रशीद अहमद आजाद ने कहा कि अगर समय रहते किसानों की
समस्याओं का हल ना निकाला तो मजबूरन इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। हाइवे पर
जाम लगने की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार अर्चना श्रीवास्तव मौके पर
पहुंची और किसान नेताओं को समझा बुझाकर जाम खुलवाया ।
किसानों ने राज्यपाल
को संबोधित 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान
सुंदरलाल यादव, कमलेश पटेल, लक्ष्मीशंकर, मुन्नूलाल, रामनरेश, योगेंद्र
सचान, सलीम मंसूरी, रामकृष्ण यादव, आशाराम दाऊ, रघुवीर सिंह फौजी, जितेंद्र
दिवाकर, रामआसरे पाल, रामबहादुर शर्मा, रणधीर सिंह, गंगाराम, मो. शमीम,
विश्वनाथ सिंह, रशीद इदरीशी, मुन्नूलाल संखवार, बृजेंद्र यादव, बेचेलाल
कुशवाहा, बाबा अजुद्धीदास, बाबूराम कटियार, शरीफ, राजेश्वरी, जयदेवी,
रामदुलारी, शांती निषाद, मीरा संखवार, मीनादेवी, रामदुलारी पाल, चंदाकली,
तारावती सहित आदि मौजूद रहे।