उत्तर प्रदेश में औरैया के बिधूना में खेत में लगे बिजली के टावर का ढाई माह से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी मुआवजा न मिलने से क्षुब्ध किसान शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे मुआवजे की मांग को लेकर टावर पर चढ़ गया। सूचना मिलने पर पुलिस व टावर कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
किसान को जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। तब दोपहर दो बजे वह टावर से नीचे उतरा। डेढ़ घंटे तक चले इस घटनाक्रम से वहां अफरातफरी मची रही। बिधूना कोतवाली क्षेत्र के सूखाताल गांव से 33 हजार की हाईटेंशन की लाइन निकल रही है। इस लाइन के निकलने के दौरान किसान भारत सिंह पुत्र पुत्तू सिंह का ढाई बीघा का खेत कंपनी की ओर से अधिग्रहीत किया गया।
बिजली टावर पर चढ़े युवक को उतराने के बाद पूछताछ करती पुलिस
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किसान का आरोप है कि इसी साल 18 मार्च को उसके खेत घाटमपुर ट्रांसमिशन नाम की कंपनी ने टॉवर बनाने का काम शुरू कर दिया। इस दौरान किसान ने कई बार कंपनी के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उसे मुआवजा नहीं मिला। इससे परेशान होकर वह टावर पर चढ़ गया।
किसान के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही बिधूना कोतवाली पुलिस व घाटमपुर ट्रांसमिशन के उपप्रबंधक विनीत सिंह आदि मौके पर पहुंचे। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद किसान को दोपहर दो बजे नीचे उतारा जा सका। किसान का कहना है कि मुआवजा न मिलने और लॉकडाउन के चलते उसके और परिवार के भूखों मरने की नौबत आ गई है।
उधर, घाटमपुर ट्रांसमिशन के उपप्रबंधक विनीत सिंह ने बताया कि किसान भारत सिंह के मुआवजे की चेक बन गई है। लॉकडाउन के कारण कोरियर सेवा चालू न होने के कारण चेक नहीं आ पाई है। वहीं, कोतवाली प्रभारी रामसहाय ने बताया कि दोनों पक्षों को कोतवाली लाया गया है। दोनो पक्षों की अंतिम वार्ता के क्रम में कार्रवाई की जाएगी।