कानपुर के बिठूर में शनिवार दोपहर दिव्यांग किशन लाल गौतम के घर में किसी शरारती तत्व ने आग लगा दी। लपटों की चपेट में आने से किशन, उसकी पत्नी और बेटा झुलस गया। गाय-बछड़ा, दो बकरी और चार मुर्गियों की मौत हो गई। बाइक, दो साइकिलें और कई क्विंटल अनाज बर्बाद हो गया। 20 हजार रुपये के नोट भी जल गए। सूचना देने के बाद भी फायर ब्रिगेड टीम नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने एक घंटे में आग पर काबू पाया।
बनी दयालपुर गांव निवासी किशन लाल खेतीबाड़ी करते हैं। दोपहर में वह पत्नी ननकी, बेटों अविनाश, रविनाश और राजकुमार घर में आराम कर रहे थे। इस दौरान किशन लाल के घर बाहर रखी गुमटी और छप्पर में आग लग गई। आग की लपटें घर के अंदर पहुंची तो किशन और उसके परिवार के लोग जान बचाने के लिए बाहर निकले। इस दौरान किशन लाल, उसकी पत्नी ननकी और बेटा अविनाश झुलस गए।
शोर सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकले। सभी ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की। ग्रामीणों ने बताया कि नेटवर्क में दिक्कत होने से फायर ब्रिगेड को काफी देर तक फोन नहीं मिला। एक बार फोन रिसीव हुआ, लेकिन दमकल कर्मी घटनास्थल की लोकेशन नहीं समझ सका। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने आग से झुलसे दंपति और उसके एक बेटे को कल्याणपुर सीएचसी में भर्ती कराया है। डॉक्टरों ने तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई है। थानाध्यक्ष का कहना है कि आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा है।