विद्युत विभाग के जेई शशिमणि कश्यप ने बताया कि तार टूटने की जानकारी विभाग को नहीं दी गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि प्राइवेट लाइनमैन को सूचना दी गई थी। इसके बाद भी तार न जोड़ने वाले लाइनमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। टीम को भेजकर तार को जुड़वा दिया गया है।
विद्युत विभाग के अफसरों की लापरवाही लोगों की जान ले रही है। ग्रामीणों की सूचना के बाद भी कई-कई दिन तक कोई मरम्मत करने नहीं पहुंचता है। हादसे में जन या पशु हानि होने पर विभाग मुआवजा दिलाने की बात कहकर अपनी खामियों पर पर्दा डाल देता है। बुधवार को बिहार के परसंडा गांव निवासी दयाराम पाल की मौत से पहले सोमवार को अवस्थी खेड़ा गांव में टूटे तार की चपेट में आकर अनुराग की मौत हो गई थी। एक अक्तूबर को मसवासी के मोहल्ला सरांय निवासी दीपा पत्नी दिनेश की खेत पर जाते समय रास्ते में टूटे तार की चपेट में आकर मौत हो गई थी।
दोषियों पर होगी कार्रवाई: एक्सईएन
एक्सईएन राजमंगल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में जो भी विद्युत लाइनें जर्जर हैं, उन्हें बदलने और मरम्मत कराने का काम चल रहा है। जो भी घटनाएं हुई हैं सभी की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए युवक की मौत, युवती की हालत गंभीर, सामने आई विभाग की बड़ी लापरवाही