इस मामले पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चिंता चताई है। उन्होंने कहा- सतना के हरसेड गांव से किसान अवधेश द्विवेदी की अपहरण की घटना गंभीर है।
उधर अपहरण के बाद हरषेड़ समेत आस पास के गांव में भय व्याप्त है। मप्र के पुलिस अधिकारी पीड़ित के घर पहुंचे और हालचाल जानने के बाद जल्द सकुलश रिहाई कराने का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों की मानें तो जब पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे तो ज्यादातर अपहृत के परिजनों ने उनसे दूरी बनाने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने कहा कि वह सब निजी प्रयास भी रिहाई कराने के कर रहे हैं। पुलिस की मदद से अपहृत को कहीं जान का खतरा न हो जाए।
बटाईदार से दुबारा पूछताछ
रींवा आईजी चंचल शेखर ने बताया कि इस मामले में अपहृत के बटाईदार कल्लू कोल से दुबारा पूछताछ की गई है। धारकुंडी पुलिस टीम ने कई संदिग्धों को पकड़ा है। खासकर तीन ग्रामीण व एक महिला से भी पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई गई है कि डकैत बबुली कोल गैंग के कई सदस्यों का इस क्षेत्र में आना जाना रहता है। जो लोग पकड़े गए हैं उन पर यही शक है।
पुलिस टीमें लगातार जंगलों में कांबिंग कर रहीं है लेकिन ज्यादातर पुलिस विभाग सर्विलांस के ही सहारे दिख रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार डकैतों के फोन आने फिर उसकी लोकेशन की जानकारी के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। सर्विलांस से जानकारी मिलते ही उन्हें दबोचा जाएगा।
टल सकती थी अपहरण की घटना
धारकुंडी थानाक्षेत्र के वीरपुर पंचायत से सटे आसपास के गांवों में लगातार दस दिनों से डकैतों के मूवमेंट की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी थी। पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पड़ोसी सेमरिया थानाक्षेत्र के खोहरा निवासी रामबहादुर ने अज्ञात दर्जन भी असलहाधारियों के रात में गांव के बाहर घूमने की जानकारी पुलिस को दी थी लेकिन पुलिस टीम ने सर्चिंग का प्रयास नहीं किया। इस मामले में आईजी रींवा ने कहा कि डकैतों की तलाश में लगातार कांबिंग चलती है। जल्द अपहृत को छुड़ाया जाएगा।