फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान का अपहरण: 42 घंटे बाद भी दो जिलों की पुलिस के हाथ खाली, डकैतों ने फिर मांगी 50 लाख फिरौती

Mon, 09 Sep 2019 08:36 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
विज्ञापन
घर के बाहर मौजूद भीड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

चित्रकूट में कुख्यात डकैत बबुली कोल गैंग द्वारा किसान अवधेश द्विवेदी के अपहरण के 42 घंटे से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं। उदास व अनहोनी की आशंका से परिजनाें की आंखों में आंसू हैं। सोमवार फिर डकैतों ने फोन कर रुपये जल्द पहुंचाने को कहा है। जिससे परिजन व उनके रिश्तेदार भयभीत हैं। रींवा सतना व चित्रकूट पुलिस के आला अफसरों का जंगलों में डेरा है ताकि अपहृत का सकुशल छुड़ाया जा सके पर फिलहाल कोई बात बनती नहीं दिख रही है।

विज्ञापन


पुलिस सर्विलांस के सहारे आस लगाए है। बेखौफ डकैतों ने फिर परिजनों को फोन कर जल्द फिरौती की रकम पहुंचाने को कहा है। डकैतों के चंगुल से किसान को छुड़ाने के लिए परिजनों ने पुलिस से दूरी बनाकर अपने निजी प्रयास भी शुरू कर दिए हैं। 

जिले की सीमा क्षेत्र से सटे मप्र के धारकुंडी थानाक्षेत्र में वीरपुर पंचायत के हरषेड गांव में शनिवार की देर रात को छह लाख के इनामी डाकू बबुली कोल गैंग ने आकर किसान अवधेश को उसके बटाईदार बेचीलाल उर्फ कल्लू कोल के माध्यम से घर से बुलाकर अपहरण किया।
विज्ञापन


इसके बाद 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। इस घटना के 40 घंटे बीतने के बाद भी सफलता अभी दूर है। रींवा आईजी चंचल शेखर, डीआईजी अविनाश शर्मा, सतना एसपी रियाज इकबाल के अलावा धारकुंडी, मझगवां, नयागांव व सभापुर थाने की पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थलों पर छापेमारी कर अपहृत व डकैतों का पता लगा रहीं है। चित्रकूट एसपी मनोज कुमार झा भी बहिलपुरवा, मानिकपुर व मारकुंडी पुलिस टीमों के साथ यूपी की सीमास्थली पर डकैतों की तलाश में सोमवार की सुबह जुटे रहे।

इस मामले पर मध्य प्रदेश  के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चिंता चताई है। उन्होंने कहा- सतना के हरसेड गांव से किसान अवधेश द्विवेदी की अपहरण की घटना गंभीर है। 
 


उधर अपहरण के बाद हरषेड़ समेत आस पास के गांव में भय व्याप्त है। मप्र के पुलिस अधिकारी पीड़ित के घर पहुंचे और हालचाल जानने के बाद जल्द सकुलश रिहाई कराने का आश्वासन दिया। स्थानीय लोगों की मानें तो जब पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे तो ज्यादातर अपहृत के परिजनों ने उनसे दूरी बनाने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने कहा कि वह सब निजी प्रयास भी रिहाई कराने के कर रहे हैं। पुलिस की मदद से अपहृत को कहीं जान का खतरा न हो जाए। 

बटाईदार से दुबारा पूछताछ

 रींवा आईजी चंचल शेखर ने बताया कि इस मामले में अपहृत के बटाईदार कल्लू कोल से दुबारा पूछताछ की गई है। धारकुंडी पुलिस टीम ने कई संदिग्धों को पकड़ा है। खासकर तीन ग्रामीण व एक महिला से भी पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई गई है कि डकैत बबुली कोल गैंग के कई सदस्यों का इस क्षेत्र में आना जाना रहता है। जो लोग पकड़े गए हैं उन पर यही शक है।
विज्ञापन

सर्विलांस के सहारे पुलिस

पुलिस टीमें लगातार जंगलों में कांबिंग कर रहीं है लेकिन ज्यादातर पुलिस विभाग सर्विलांस के ही सहारे दिख रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार डकैतों के फोन आने फिर उसकी लोकेशन की जानकारी के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। सर्विलांस से जानकारी मिलते ही उन्हें दबोचा जाएगा। 

टल सकती थी अपहरण की घटना

धारकुंडी थानाक्षेत्र के वीरपुर पंचायत से सटे आसपास के गांवों में लगातार दस दिनों से डकैतों के मूवमेंट की जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी थी। पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पड़ोसी सेमरिया थानाक्षेत्र के खोहरा निवासी रामबहादुर ने अज्ञात दर्जन भी असलहाधारियों के रात में गांव के बाहर घूमने की जानकारी पुलिस को दी थी लेकिन पुलिस टीम ने सर्चिंग का प्रयास नहीं किया। इस मामले में आईजी रींवा ने कहा कि डकैतों की तलाश में लगातार कांबिंग चलती है। जल्द अपहृत को छुड़ाया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें