भीतरगांव (घाटमपुर)। साढ़ थाना क्षेत्र के चिरली गांव में 17 अक्तूबर को चार फीट जमीन के लिए दबंग राजू सिंह राना ने किसान होरीलाल को पेट्रोल डालकर जला दिया था। लगातार जिंदगी से संघर्ष कर रहे होरीलाल ने शुक्रवार देर रात केजीएमयू, लखनऊ में दम तोड़ दिया। अब बेटे की हालत गंभीर है।
साढ़ थाना क्षेत्र के पांडु नदी किनारे बसे चिरली गांव में शनिवार को दशहरा के उल्लास की जगह मातम पसरा था। गांव में महिलाएं और पुरुष 17 अक्टूबर की रात की घटना की बातों में जुटे थे। लखनऊ के केजीएमयू में छह दिन बाद होरीलाल जिंदगी से जंग हार गया। शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी। उसी वार्ड में पिता के साथ इलाज करा रहे नाबालिग बेटे की हालत भी गंभीर है। वैसे तो पिता की मौत की खबर बेटे को नहीं बताई गई है। लेकिन जिस बेड में पिता का इलाज चल रहा था, शनिवार सुबह उस बेड को खाली देख सत्यम अनहोनी की आशंका से कभी रोता तो कभी पापा को दिखाने की जिद करता रहा। शनिवार को जब होरीलाल का शव चिरली गांव पहुंचा तो उसके छोटे-छोटे मासूम बच्चों की चीख पुकार से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी गमजदा दिखे।
सिस्टम से हार गया मेरा भाई
भीतरगांव(घाटमपुर)। लखनऊ से भाई होरीलाल का शव लेकर चिरली गांव आए तीन भाइयों में सबसे छोटे संजय की आंखों के आंसू सूख चुके थे। संजय घटना के बाद ही प्राइवेट नौकरी छोड़कर वाराणसी से सीधे कानपुर उर्सला पहुंचा था। भाई होरीलाल व भतीजे सत्यम के लखनऊ रेफर होने के बाद भी संजय भाई-भतीजे की जिंदगी बचाने को दिन-रात एक किए रहे। संजय बताते हैं कि दबंग पड़ोसी राजू सिंह राना अक्सर चार फीट की गैलरी हथियाने के लिये विवाद करता था। बीते वर्ष भी भाई होरीलाल के घर को पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया था। साढ़ पुलिस चौकी (तत्कालीन थाना घाटमपुर) में शिकायत की गई तब पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दबंगों से समझौता करा दिया। जबकि घर में आग लगाने से पूरी गृहस्थी जलकर नष्ट हो गई थी। भाई ने दिन रात मजदूरी कर फिर से घर-गृहस्थी बनाई पर मेरा भाई जिंदगी के साथ पुलिस-सिस्टम से हार गया।
बउवा के साथ हमहूं का लिवा चलौ
भीतरगांव(घाटमपुर)। दोपहर बाद पौने दो बजे जैसे ही होरीलाल का शव लेकर एंबुलेंस घर पहुंची तभी चीख पुकार मच गयी। वृद्ध मां रामरती (75) अपने सामने बेटे का शव देख बेहोश हो गई। पिता पृथ्वीपाल दर्जी (80) भी फूट फूट कर रोने लगे। इसके बाद परिजनों और प्रशासन के बीच सहमति बनने के बाद जैसे ही होरीलाल के शव को गंगा किनारे ड्योढ़ी घाट ले जाने के लिए उठाया गया तो मां रामरती व पिता पृथ्वीपाल डगमगाते कदमों से साथ ले चलने की जिद कर बऊवा के साथ हमहूं का लिवा चलौ कहने लगे। तब गांव के बुजुर्गों व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें समझाकर रोका।
पत्नी को 5 लाख, दी बीघे जमीन का पट्टा और पेंशन मिलेगी
भीतरगांव (घाटमपुर)। लखनऊ में शुक्रवार देर रात होरीलाल की मौत की सूचना पाकर साढ़ थानाध्यक्ष प्रभुकांत और एसआई राजेश बाजपेई शनिवार सुबह पुलिस टीम के साथ केजीएमयू पहुंचे और एंबुलेंस से शव को लेकर दोपहर बाद चिरली गांव पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ जुटी थी। तभी एडीएम वित्त वीरेंद्र पांडेय और एसडीएम नर्वल रिजवाना शाहिद ने मृतक के चार मासूम बच्चों और परिवार की स्थिति देख एक सप्ताह के अंदर पत्नी शांता को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद, गांव किनारे दो बीघे जमीन का पट्टा और बेवा पेंशन देने की बात ग्रामीणों के सामने कही। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिये गंगा किनारे ड्योढ़ी घाट ले जाया गया। जब तक होरीलाल का अंतिम संस्कार नहीं कर दिया गया तब तक अधिकारी वहीं मौजूद रहे।
राजस्वकर्मियों ने एक लाख की दी मदद
शुक्रवार को नर्वल एसडीएम रिजवाना शाहिद की अगुवाई में राजस्व कर्मियों ने निजी सहयोग से एक लाख रुपये की धनराशि एकत्र की और फिर तहसीलदार नर्वल अमित गुप्ता और राजस्व निरीक्षक मुकेश कुमार ने जमा की गई धनराशि शुक्रवार देर रात होरोलाल की पत्नी शांता को दिए। साथ ही कहा कि किसी भी तरह की मदद के लिए निसंकोच नर्वल तहसील आ सकती हैं।