डीएम ने महिला को वापस कराया उसका कुत्ता मोंटी
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अपने पालतू कुत्ते मोंटी को वापस पाने के लिए एक युवती को कई विभागों के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन उसे न्याय जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के जनता दर्शन में मिला। डीएम के हस्तक्षेप के बाद नौ महीने के पैरालाइज कुत्ते मोंटी को उसकी देखभाल करने वाली युवती के सुपुर्द कर दिया गया।
पनकी रोड निवासी फरहा नाज पिछले नौ महीनों से बीमार और पैरालाइज कुत्ते मोंटी की देखरेख कर रही थीं। किसी कारणवश बाहर जाने पर उन्होंने मोंटी को छपेड़ा पुलिया स्थित कनिका मिश्रा के शेल्टर होम में तीन दिन के लिए रखा था। वापस आकर जब फरहा ने मोंटी को वापस मांगा, तो शेल्टर होम संचालिका ने देने से इन्कार कर दिया। मामला गुरुदेव चौकी पहुंचा, जहां विवाद के चलते पुलिस ने मोंटी को एसपीसीए की केयर टेकर अर्चना त्रिपाठी को सौंप दिया।
फरहा ने मोंटी को पाने के लिए पूर्व सांसद मेनका गांधी, नगर निगम, विकास भवन और रायपुरवा पुलिस तक गुहार लगाई, लेकिन राहत नहीं मिली। फरहा ने के जनता दर्शन में पहुंचकर अपनी समस्या बताई। बताया कि सात जुलाई को आशाएं बेजुबान एनजीओ के माध्यम से उन्हें मोंटी मिला था और तभी से वह उसकी सेवा कर रही हैं। डीएम ने तत्काल शेल्टर होम संचालिका से बातचीत की। इसके बाद मोंटी को फरहा नाज को सौंप दिया गया।