चित्रकूट जिला अस्पताल में प्रसव दर्द से पीड़ित प्रसूता ने जैसे ही नवजात को जन्म दिया तो महिला की हालत बिगड़ गई। लगभग तीन चार घंटे में प्रसूता की मौत हो गई जबकि नवजात पूरी तरह स्वस्थ है। इसकी जानकारी होते ही परिजनों ने डाक्टर व स्टाफ पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि अपने बचाव के लिए मृतका की सास से जबरन किसी कागज में अंगूठा लगवा लिया है।
उधर स्टाफ का कहना कि प्रसूता के परिजनों को समझाने के बाद भी वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपना घरेलू इलाज कर दिया जिससे उसकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। शहर से सटे बहादुरपुर गांव निवासी गुड़िया देवी पत्नी मंझे को शुक्रवार की देर रात तेज प्रसव दर्द होने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ देर बाद उसने स्वस्थ बालक को जन्म दिया।