सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। ब्लॉक सरवनखेड़ा के आलापुर गांव में मनरेगा लोकपाल ने फर्जी जाब कार्ड बनाकर फर्जी भुगतान के आरोपों की जांच की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और तकनीकी सहायक से 90403 रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं।
मलासा ब्लॉक के बरगंवा निवासी सुरेश चंद्र शर्मा ने 28 अप्रैल 2025 को पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान पर आरोप लगा शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने मनरेगा योजनांतर्गत फर्जी जाब कार्ड बनाकर फर्जी भुगतान का आरोप लगाया था। खंड विकास अधिकारी से जांच आख्या न मिलने पर 11 जून को लोकपाल ने स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के समय ग्राम प्रधान और सचिव अनुपस्थित रहे, बाद में प्रधान अभिलेख नहीं दे पाए। सचिव ने 30 जून को कुछ अपूर्ण अभिलेख प्रस्तुत किए। मनरेगा एमआईएस रिपोर्ट के ऑनलाइन परीक्षण में कई संदिग्ध जाब कार्ड सामने आए।
11 अक्टूबर को दोबारा स्थलीय जांच में अभिलेखों का परिशीलन किया गया। इसमें दीपेंद्र का जाब कार्ड नाबालिग होने के बावजूद सक्रिय पाया गया, उसे 27140 रुपये का भुगतान हुआ। इसी प्रकार जाब कार्ड 727 भी नाबालिग का बनाकर धनराशि निकाली गई। मनरेगा लोकपाल सुमिता कटियार ने बताया की जांच में 90403 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद ग्राम प्रधान,ग्राम सचिव,तकनीकी सहायक से समानुपात में वसूली करने न फर्जी जॉब कार्ड बनाने के संबंध में विधिक, विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गई है।