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Kanpur News: आपसी स्थानांतरण पर सहमति देकर रुपये ठगता था फर्जी लोको पायलट

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इटावा। नेताजी एक्सप्रेस में पकड़ा गया फर्जी लोको पायलट सोशल साइट्स पर रेलवे के कई मंडलों के लोको पायलट ग्रुप से जुड़ा हुआ था। इस ग्रुप में कई लोको पायलट पारिवारिक व निजी समस्या के चलते आपसी स्थानांतरण का जिक्र करते थे। फर्जी लोको पायलट ग्रुप में इस तरह के संदेश देखकर उनके निजी नंबर पर संपर्क कर आपसी स्थानांतरण पर सहमति जताकर उनसे तीन से पांच हजार की सुविधा शुल्क की मांग करता था।
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उनसे ठगी करने के बाद स्थानांतरण न होने पर वह विभागीय स्तर पर मामला बताकर पल्ला झाड़ लेता था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने यह सच्चाई कबूली है। अब पुलिस कई बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है। आरपीएफ निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह ट्रेन संख्या 12312 डाउन में कालका नेताजी एक्सप्रेस से फर्जी लोको पायलट को पकड़ा गया था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम आकाश निवासी जलेसर रोड कौशल्या नगर जिला फिरोजाबाद बताया था। पुलिस ने आकाश का जब मोबाइल नंबर चेक किया तो उसके मोबाइल में ट्रेन इंजन के केबिन में बैठे हुए काफी फोटो मिलीं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर प्रयागराज मंडल, दानापुर मंडल, झांसी मंडल, दिल्ली मंडल के अनौपचारिक ग्रुपों में वह जुड़ा हुआ था। पूछने पर उसने बताया कि लोको पायलट के ग्रुप में जुड़ने से उसे कई विभागीय जानकारी हो गई थी। इसमें कई लोको पायलट आपसी स्थानांतरण की संदेश भेजकर इच्छा प्रकट करते थे।
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आरोपी आकाश इसका फायदा उठाकर उनके निजी नंबर पर संपर्क पर इस पर सहमति व्यक्त करता था। साथ ही तीन से पांच हजार रुपये की मांग करता था। जरूरतमंद लोको पायलट इस पर राजी हो जाते थे। साथ ही उसे ऑनलाइन रुपये भी भेज देते थे। बाद में जब उसका स्थानांतरण नहीं हो पाता था, तो वह विभाग से स्थानांतरण न होने का बहाना बनाकर बच जाता था। उसने ऐसा कितने लोको पायलट के साथ किया है। इसकी अभी तक जानकारी नहीं हो सकी है।
साथ ही उसे लोको पायलट ग्रुप में जोड़ने वाले व्यक्ति के बारे में पुलिस पता लगाने में जुटी है। बता दें कि आरपीएफ-जीआरपी ने कंट्रोल रूम टूंडला से सूचना मिलने के बाद नेताजी एक्सप्रेस से फर्जी लोको पायलट आकाश को पकड़ा था। इस दौरान उसके पास से पुलिस को आई कार्ड, नेम प्लेट, लोको पायलट की ड्रेस, लाल व हरे रंग की झंडी, आधार कार्ड तथा एक मोबाइल व लॉगबुक मिली थी।
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