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पुलिस ने फर्जी आईपीएस को पकड़ा

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पुलिस गिरफ्त में फर्जी आईपीएस व जानकारी देते एएसपी। - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। बुधवार देरशाम अकबरपुर कोतवाली के बाहर निजी वाहन में बैठे एक आईपीएस को देखकर कोतवाली में खलबली मच गई। पुलिस कर्मी संपर्क कर कोतवाली ले आए, लेकिन चाय नाश्ते के दौरान बातचीत में मामला संदिग्ध लगा। सूचना पर पहुंचे एसपी अनुराग वत्स ने जब पड़ताल की मामले का खुलासा हो गया। युवक के फर्जी आईपीएस होने की पुष्टि होने पर उसे हिरासत में ले लिया गया।
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अकबरपुर कोतवाली के बाहर नीली बत्ती लगी इकोस्पोर्ट गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर दिल्ली कैडर के आईपीएस अधिकारी को देखकर कोतवाली में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। कोतवाल ऋषिकांत शुक्ला ने कोतवाली चलने का निवेदन किया, जहां पहुंच कर उक्त आईपीएस ने कोतवाल से जानकारी ली। रौब गांठते हुए 20 एनकाउंटर करने का हवाला भी दिया। कोतवाल से हुई बातचीत में खुद को आईपीएस प्रशांत शुक्ला बताने वाला युवक ने स्वयं को 2012 बैच का दिल्ली कैडर का अधिकारी बताया। साथ ही एनआईए में डीसीपी के पद पर तैनात होने की बात कही। बताया कि मूल रूप से कानपुर कल्यानपुर के केशवपुरम में रहने वाला है। बताया कि एक रिश्तेदार से मिलने के लिए इंतजार में खड़ा था। इधर, बातचीत के दौरान उक्त आईपीएस द्वारा दी गई जानकारी पर शंका होने पर कोतवाल ने एसपी को सूचना दी। प्रशांत से मिलने पहुंचे डेरापुर के सरगांव खुर्द निवासी विवेक तिवारी को भी पुलिस ने बैठा लिया।
सूचना पर पहुंचे एसपी अनुराग वत्स ने मामले की तहकीकात के दौरान आईपीएस के फर्जी होने की बात सामने आई। उसे हिरासत में लेने के निर्देश दिए। हिरासत में लेने के बाद पूछताछ में फर्जी आईपीएस प्रशांत शुक्ला ने शौक के लिए आईपीएस बनने की बात स्वीकार की। बताया कि स्वयं ही वर्दी सिलवाई है। कोतवाली पुलिस ने उसकी वर्दी उतरवाकर हवालात में डाल दिया।
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नहीं पूरा हुआ सपना, बन गया फर्जी आईपीएस
कानपुर, कल्यानपुर के केशवपुरम निवासी प्रशांत शुक्ला ने पूछताछ में बताया कि उसका सपना आईपीएस बनने का था। उसने प्रयास भी किया और कानपुर की नामी कोचिंग सेंटर में तैयारी भी की। वर्ष 2011-12 में आईपीएस की चयन परीक्षा में बैठा, लेकिन सपना पूरा नहीं हो सका। बताया कि छह माह पूर्व आईपीएस की वर्दी सिलवाई, लेकिन इससे पूर्व कुछ जानकारियां इस प्रोफेशन से संबंधित इकट्ठा की थी।
बोले जिम्मेदार
फर्जी आईपीएस बनकर घूमने की सूचना पर कोतवाली गया था, पूछताछ में उसने एनआईए व आईबी बताकर गुमराह करने का प्रयास जरूर किया था, लेकिन कड़ाई से पूछताछ में उसके फर्जी होने की पुष्टि हुई है। धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।
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- अनुराग वत्स, एसपी, कानपुर देहात
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