कानपुर के काकादेव से अगवा छात्र को पुलिस ने बरामद कर लिया है। एसपी साउथ राकेश जौली ने प्रेसवार्ता में बताया कि छात्र के दो साथियों ने 60 हजार के लेनदेन के विवाद में उसे अगवा किया था। दोनों आरोपियों को भी पकड़ लिया गया है।
बता दें कि दो दिन पहले कोचिंग मंडी में रहने वाले गाजीपुर के छात्र पंकज यादव का अपहरण हुआ था। इसके बाद परिजनों से डेढ़ लाख की फिरौती मांगी गई थी। इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि पंकज को उसके साथी आगरा निवासी गौरव और बेवर मैनपुरी के अनुज ने अगवा किया था। इन दोनों को पंकज से 60 हजार रुपये लेने थे। इसके लिए उन्होंने पंकज को अगवा कर पहले रूरा फिर कल्याणपुर के देवी सहाय नगर में रखा था। यहीं से पुलिस ने तीनों को पकड़ा भी है।
नौकरी के नाम पर लिए थे रुपये
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नौकरी के नाम पर लिए थे रुपये
अनुज, गौरव ने बताया कि पंकज के रिश्ते में लगने वाले भाई लखनऊ निवासी ब्रजेश ने उन दोनों को बैंक में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके बाद पंकज और उसके दूसरे रिश्तेदार गोविंद ने उनसे 60 हजार रुपये एडवांस लिए थे और 9 लाख ज्वाइनिंग के बाद देने को कहा था। पुलिस के मुताबिक जांच में गोविंद और ब्रजेश के नाम भी शामिल किए जाएंगे।
स्वयं को आईआईटीयंस बताता था पंकज
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स्वयं को आईआईटीयंस बताता था पंकज
पुलिस की मानें तो पंकज भी शातिर है। उसने अपने घरवालों को बता रखा था कि वह आईआईटी की तैयारी कर रहा है, और हर साल किसान पिता से करीब 3 लाख रुपये पढ़ाई के नाम पर लेता था। चार साल में अब तक 12 लाख रुपये वह घर से ले चुका है। पंकज ने अनुज और गौरव को बता रखा था कि वह आईआईटीयंस है, और उसका आखिरी साल है। पंकज इन दोनों से मिलता भी आईआईटी गेट पर ही था।
बच्चों को भी पढ़ाते थे शातिर
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बच्चों को भी पढ़ाते थे शातिर
गौरव, अनुज और पंकज तीनों प्रतियोगी परीक्षा के नाम पर कमरा लेकर काकादेव में रहते थे और आसपास के छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाते भी थे। तीनों की करतूत सामने आने पर बच्चों के अभिभावकों के चेहरे भी फक पड़ गए।